मो. रफी साहब अच्छा हुआ आप नहीं रहें, नहीं तो लोग ताने मार मार कर मार देते
एक विचार
आज के समय में धर्म की राजनीति करने वाले लोगों ने मो. रफी साहब के सर पर करोड़ो का ईनाम रख दिया होता और उनको बिरादरी से निकाल दिया गया होता कारण हैं उनके गाए गीत, जीतने फिल्मी भजन और फिल्मी भक्ति के गाने उस दौर में रफी साहब ने गाए किसी अन्य गायक ने नहीं गाए।
बच गए रफी साहब।
जमाना बदल गया नहीं तो लोग आपके गाने पर रोक लगा देते और पांच वक्त की नवाज़ के लिए किसी मस्जिद में अज़ान के लिए आपको नसीहत देने वालो की जमात खड़ी होती।
मैं इसलिए लिख रहा हूं उसका कारण दिवाली पर पूजा करने के दौरान जहीर खान और उनकी पत्नी सगारिका की फोटो पर उठे विवाद सन्दर्भ में हैं।
भारतीय क्रिकेट टीम के वर्तमान सितारों ने दीपावली के शुभ अवसर पर अपने प्रशंसकों को शुभकामनाएं दी नए सितारों के साथ पूर्व क्रिकेटर्स ने भी अपने प्रशंसकों को शुभकामना देते हुए फोटो पोस्ट की इस मौके पर भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान ने अपनी पत्नी सगारिका घाटगे के साथ दिवाली की पूजा अर्चना करते फोटो पोस्ट की जिसमें वह सागरिका के साथ हैं इस तस्वीर में सागरिका के हाथ में आरती की थाली है और उनके साथ जहीर भी बैठे हैं उन्होंने ट्विटर पर फोटो शेयर कर लिखा है- "सभी को दिवाली की बहुत-बहुत शुभकामनाएं!"
जिसके बाद जहीर खान सोशल मीडिया पर कट्टरपंथियों के निशाने पर आ गए जहीर खान द्वारा पूजा किया जाना कुछ लोगों को अच्छा नहीं लगा और उन्होने जहीर खान को पूजा के बाद नमाज पढ़ने की भी नसीहत देने लगे ।
इस घटना के बाद सोचने पर मजबूर होना पड़ा जब दिलीप कुमार (यूसुफ खान) और अजित (हामिद अली ख़ान) को लोग हिन्दू समझते थे और उनके मुस्लिम होने की बात पता चलने के बाद भी समाज ने उन्हें वही मान सम्मान उनकी अदाकारी के लिए दिया आज के दौर में फतवा जारी हो गया होता गनीमत है जो आप पुराने जमाने में थे।
क्या कोई वीर अब्दुल हमीद का धर्म जानता है सभी कहेगें मुस्लिम थे पर किसी ने आज तक ये नहीं पूछा वीर अब्दुल हमीद को मारने वालो का क्या धर्म था।
एक मुस्लिम वीर योद्धा को मारने वाले को क्या किसी ने नसीहत दी थी इसपर कोई बोलेगा, नहीं बोलेगा सब चुप, सभी कट्टरपंथियों की जुबान लकवा मार जाती हैं।