शराबी पति ने दोहराई महभारत की घटना जुए में द्रौपदी की तरह पत्नी को लगाया दांव पर और हारा पत्नी ने उतार दिया नशा
शराबी पति ने दोहराई महभारत की घटना जुए में द्रौपदी की तरह पत्नी को लगाया कर हारा
पत्नी नहीं थी द्रौपदी, चंड़ी बनकर पहुचीं जुए के अड्डे दिखाया रौद्र रूप
शराबी पति ने दोहराई महभारत की घटना जुए में द्रौपदी की तरह पत्नी को लगाया कर हाराजुआ के खेल में लोग सब कुछ हार जाते हैं फिर भी एक बार जीतने के लिए बहुत कुछ दांव पर लगा देते हैं और त्यौहार पर जुआ हमारा राष्ट्रीय खेल बन जाता है ।
दीपावली की रात हम घरो के चारों ओर दीप जला कर प्रकाश करते है की हमारे जीवन में अंधेरा नहीं रहें खुशहाली की कामना ईश्वर से करते हैं पर कुछ लोगो को इन सब से कोई मतलब नहीं होता वो तो केवल जुए के अड्डे में जाकर पत्ते खेलने को बेकरार रहते हैं जैसे आज जीत उनका इन्तजार कर रही हैं वहां जीत की चाह में सब लूटा देते हैं समाज में यह सबसे बड़ी समस्या है ।
शगुन के नाम पर खेल शुरु किया जाता हैं ये हर हार के बाद बड़ा रुप ले लेता है इस प्रकार की घटना राची से सामने आई है यहां एक शराबी पति ने जुए में अपनी पत्नी को ही दांव पर लगा दिया। जब इसकी सूचना पत्नी को मिली तो जुआ अड्डा पहुंच कर उसने पति की जमकर धुनाई कर दी। माजरा देख वहां से बाकी जुआरी भाग खड़े हुए, मामला हजारीबाग जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र अंतर्गत जुलजुल पहाड़ी के पास का है, जहां दिवाली की रात जुआ का खेल हो रहा था सूत्रो की माने तो जुए के दांव में एक शराबी पति ने रुपये हारने के बाद अपनी पत्नी को ही दांव पर लगा दिया। पास के ही एक गांव के एक युवक ने यह दांव भी जीत लिया।
जब इसकी सूचना हारे हुए व्यक्ति की पत्नी को पता चली तो वह चंड़ी रुप धारण कर जुआ के अड्डे पहुंचकर पति की जम कर धुनाई कर दी पत्नी द्वारा पति की धुनाई देखकर वहां जुआ खेल रहे बाकी जुआरी सर पर पैर रख भाग खड़े हुए पत्नी ने जुए का सारा भूत पति के सर से उतार दिया।
अबला नहीं सबला बनो
तुम सभी की आवाज़ बनने वाली 'धन्य हो नारी'
जब विरोध किया जाये तो दुश्मन क्या दोस्त भी दंग रह जाये 'हे नारी' तुमने जो कार्य किया उसे भारत की हर नारी को करना चाहिए इसी तरह से कुरीतियों को दूर किया जा सकता हैं।