बढ़ते वायु प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के खतरे से निपटने के लिए यूथ फ़ॉर सस्टेनिबिलिटी नेटवर्क के युवा प्रतिनिधियों ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को ज्ञापन सौंपा
बढ़ते वायु प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के खतरे से निपटने के लिए यूथ फ़ॉर सस्टेनिबिलिटी नेटवर्क के युवा प्रतिनिधियों ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को ज्ञापन सौंपा
25 नवम्बर 2019 को क्लाइमेट एजेंडा ने बढ़ते वायु प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के खतरे से निपटने के लिए यूथ फ़ॉर सस्टेनिबिलिटी नेटवर्क के युवा प्रतिनिधियों के साथ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से प्रतिनिधियों ने स्वच्छ वायु के अधिकार और राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यनीति को शीघ्र लागू करने की मांग की।
ज्ञापन देने के दौरान बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी से वार्ता के दौरान लखनऊ में चल रहे विकास के कार्यों को सतत समाधान के साथ करने की बात कही और यह भी मांग की कि जलवायु परिवर्तन एवं प्रदूषण की समस्या का एकमात्र समाधान सतत विकास का मॉडल ही हो सकता है।
दिया गया ज्ञापन निम्न है:-
1- शहर में निरंतर परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन की संख्या बढाई जाए |
2- निरंतर परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन से प्राप्त आंकड़ो एवं स्वास्थ्य सलाह को डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड के माध्यम से शहर के सभी प्रमुख चौराहों, पार्को, पर्यटन स्थल पर नियमित जारी किया जाए |
3- सभी प्रदूषित औद्योगिक ईकाईयों में वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन एवं आंकड़े प्रदर्शित करने के लिए डिस्प्ले बोर्ड को लगाना अनिवार्य किया जाए |
4- राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यनीति के अंतर्गत उत्तरदायी नोडल अधिकारी का सम्पर्क विस्तार वेबसाइट पर अपलोड किया जाए |
5- राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यनीति के अंतर्गत शहर आधारित योजना में किये जा रहे कार्यों पर आधारित मासिक रिपोर्ट नियमित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड किया जाए |
6- सभी सार्वजनिक एवं निजी वाहनों से होने वाले प्रदूषण की नियमित जांच एवं कार्यवाही की जाए |
7- सभी परम्परागत fixed-chimney bull's trench kiln (FCBTK) आधारित ईंट भट्ठों को बंद कर विध्वंस किया जाए एवं जिग जैग तकनीकी का उपयोग अनिवार्य किया जाए |
8- निर्माण एवं विध्वंस 2016 अधिनियम के पर्यावरण मानको को सरकारी एवं गैर सरकारी निर्माण कार्यों में कड़ाई से पालन कराया जाए |
9- आम जनता को शहरी यातायात में साईकिल एवं पैदल चलने के लिए सड़को पर वॉकिंग-साइकिल ट्रैक का निर्माण कराया जाए |
10- शहर में सभी विद्युत् चलित सार्वजनिक यातायात के वाहनों को शीघ्र लाया जाए एवं सोलर आधारित चार्जिंग स्टेशन की व्यवस्था की जाए |
11- राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यनीति के लक्ष्य को पूरा करने में शामिल सभी विभागों एवं कर्मचारीयों के मध्य सामंजस्य एवं क्षमता निर्माण की समय-समय पर व्यवस्था की जाए |
12- नगर निगम द्वारा ठोस अपशिष्ट का प्रबंधन किया जाये एवं शहरी कॉलोनीयों में कम्पोस्टिंग पिट की व्यवस्था की जाए |
13- 15 साल पुराने सभी डीजल चालित वाहनों को चिन्हित कर शहर के बाहर विध्वंस किया जाए |
14- पोलुशन अंडर कण्ट्रोल (PUC) में हो रहे हैं भ्रष्टाचार पर कड़ाई से कार्यवाही की जाए |
15- शहर के शैक्षणिक परिसर को “नो पेट्रोल-डीज़ल जोन” बनाया जाए |
इस गतिविधि में यूथ फ़ॉर सस्टेनेबिलिटी की ओर से अमित, अन्विति, प्रतीक, सिमरन, कार्तिक पाण्डेय, शोभित, चंद्रशेखर सिंह, राज सिंह आदि शामिल रहें।