जिले के एक मात्र जीवित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने किया अपमान
सीतापुर
एक घटना की जानकारी मिली है जिसको सुनकर मुझे अत्यंत दुख हुआ और शायद आपको भी हो हमारे देश कि आजादी के लिए अपने प्राणो का बलिदान देने को तैयार सीतापुर जिले के एक मात्र जीवित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का अपमान किया गया उनके साथ अमानवीय व्यहार एक सरकारी अस्पताल में हुआ।
घटना इस तरह हैं कि सीतापुर के एक मात्र जीवित स्वतंत्रता सेनानी श्रद्धेय श्री शिव नारायण शर्मा जी आज अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए जिला चिकित्सालय गए हुए थे, जहां मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर ए के अग्रवाल द्वारा उनसे लाइन में लगने की हिदायत देते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया, अपना परिचय देने पर सीएमएस और आग बबूला हो गए और श्री शर्मा जी को बुरी तरह अपमानित किया ,
95 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी श्री शर्मा जी इस घटनाक्रम से अत्यंत दुखी है और उन्होंने सीएमएस पर कार्यवाही न होने की स्थित में इच्छा मृत्यु तक की मांग कर दी है।
9 नवंबर 1924को जन्मे शर्मा जी ने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान दिया और अपने बारह साथियों के साथ 18अगस्त 1942 को लालबाग गोली कांड वाले सबसे विशाल जुलूस का नेतृत्व किया 5 हज़ार की भीड़ का नेतृत्व कर रहे शर्मा जी को अंग्रेजो ने भयंकर यातनाएं देते हुए जिला कारागार में डाल दिया लेकिन रिहा होने के बाद वो और अधिक सक्रियता से आजादी के संघर्ष में जुट गए वो हमारे आजादी आंदोलन की एक मात्र धरोहर है ।
जिस दिन देश आजाद हुआ था उन्होंने भगत सिंह की फांसी का फदा चूमते जीवंत झांकी तैयार की थी जिसे देखने पूरा शहर उमड़ पड़ा था उनकी धर्मपत्नी शांति देवी जी भी स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रहीं और सराहनीय योगदान किया लेकिन आज उनके साथ एक सरकारी मुलाजिम का ये आचरण पूरे सीतापुर और हमारे राष्ट्रीय आंदोलन का अपमान है जिलाधिकारी महोदय अत्यंत संवेदनशील है और सभी का सम्मान करते है हम अपेक्षा है कि वो इस घटना का संज्ञान लेते हुए दोषी सीएमएस के विरूद्ध आपराधिक अभियोग पंजीकृत कराते हुए उन्हें तत्काल जिले से कार्यमुक्त करेंगे जिससे स्वतंत्रता सेनानी और सीतापुर का सम्मान बचा रहें।