विधान परिषद में सीएम योगी आदित्यनाथ का सम्बोधन
लखनऊ
एक भारत, श्रेष्ठ भारत के सपने को साकार कर रहें हैं संविधान के उद्देश्यों को पूर्ण करने का काम कर रहे
काफी वर्षो के बाद राज्यपाल के भाषण को शान्तिपूर्वक सुना सदन में शान्तिपूर्ण तरीके से कार्यवाही आगे बढ़ रही है, यही बदलता उत्तर प्रदेश है।
संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा के साथ में हमारी भी गरिमा बढ़ती है।
26 नवम्बर 1949 को भारत के संविधान को अंगीकार किया गया और 26 जनवरी 1950 को देश में संविधान लागू किया गया।
संविधान के 4 शब्दों ने विश्व का सर्वश्रेष्ठ संविधान बनाया।
न्याय, स्वतंत्रता , समता और बंधुता ये 4 शब्दों ने संविधान को सर्वोच्च बनाया।
हमारा संविधान ऐसा नहीं है कि संसोधन नहीं हो सकता।
देश की आवश्यकता और मांग पर हम संसोधन भी कर सकते है।
संविधान भारत के प्रत्येक नागरिक को अधिकार देता है।
संविधान सभा के रूप में राजेन्द्र प्रसाद, डॉ आंबेडकर की भूमिका और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की भूमिका महत्वपूर्ण है।
लोकतंत्र भारत के आमजन मानस में रसाबसा है।
पहली बार इतने बड़े भू भाग में संविधान एक भारत, श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना में आगे बढ़ रहा।
भारत के संविधान ने प्रत्येक भारत के नागरिक के लिए अधिकारों के साथ कर्तव्य भी बताएं हैं।
डॉ भीमराव अंबेडकर की असहमति के बावजूद धारा 370 संविधान में जोड़ दी गई धारा 370 की वजह से बड़े पैमाने पर एक वर्ग का पलायन हुआ।
धारा 370 हटाने की किसी ने हिम्मत नहीं दिखाई धारा 370 देश की संप्रभुता के लिए चुनौती थी इसके हटाने के लिए 370 वही हटा सकता था जिसके कलेजे में हिम्मत होगी।
पीएम मोदी ने धारा 370 हटाकर दिखाया।
आज देश का प्रत्येक नागरिक बाकी राज्यो की तरह कश्मीर पर भी अधिकार रखेगा।
सरदार पटेल ने 563 से अधिक रियासतों को भारत का हिस्सा बनाया।
वैश्विक मंच पर भारत को आजादी के बाद सबसे बड़ी कूटनीतिक विजय मिली।
हमारे गृह मंत्री ने कहा है कि पाक अधिकृत कश्मीर भी भारत का हिस्सा है।