एक भारत श्रेष्ठ भारत की थीम पर दिखा भारत का बहुआयामी रंग
हैप्पी मॉडल स्कूल के छात्रों ने भारत की समृद्धिशाली परंपरा क्या किया चित्रण पुरस्कार और मेडल पाकर चहके छात्र
वाराणसी
हैप्पी मॉडल स्कूल कुरहुआं में छात्र-छात्राओं ने एक भारत श्रेष्ठ भारत की बहुआयामी संस्कृति और सभ्यता का दर्शन कराया।छात्रों ने एक तरफ जहां भारत के वैज्ञानिकों की चंद्रमा तथा अंतरिक्ष के शोध को प्रस्तुत किया वहीं भारत की सैन्य क्षमता तथा कृषि विकास को भी दिखाया। छात्र-छात्राओं ने भारतीय संस्कृति के बहुआयामी रंगों के साथ एक भारत श्रेष्ठ भारत एक से बढ़कर एक कार्यक्रमों का दर्शन कराया। अनेकता में एकता प्रस्तुतीकरण छात्र छात्रों ने विभिन्न धर्म,बोली,संस्कृति, रीति,रिवाज परंपरा के माध्यम से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोचार एवं रितु दर्शन के गीत से हुआ। सभ्यता और संस्कृति के पोषक नगर "मैं मैं हूं बनारस" कार्यक्रम का प्रस्तुतीकरण भी छात्रों ने किया।जय किसान तथा बॉलीवुड सफरनामा रेट्रो टू मेट्रो की प्रस्तुति भी दर्शनीय रही।भारत के महान गणितज्ञ स्वर्गीय वशिष्ठ नारायण सिंह के जीवन वृत्त पर आधारित नाटिका मिथीकल मैन भी अभिभावकों द्वारा सराही गई।
छात्रों ने यहां पर कवि सम्मेलन के माध्यम से महिला अत्याचार पर एक से बढ़कर एक रचनाएं सुनाई। देशभक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रम हमारी आन बान शान जय जवान की प्रस्तुति भी छात्रों ने दी।देश के विभिन्न राज्यों के लोक नृत्य की एक कड़ी भी प्रस्तुत की गई।शैक्षणिक सत्र 2018 19 के मेधावी छात्र एवं छात्राओं जिन्होंने 95% अंक से ऊपर प्राप्त किया था उन्हें मेडल देकर सम्मानित किया गया।छात्र शुभम सिंह,श्वेता सिंह, सौरव सिंह, व सोमेश सिंह ने प्रशस्ति पत्र पाए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिलासपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर पीसी उपाध्याय तथा अतिथि काशी सेवा शोध समिति के प्रदेश सचिव डॉक्टर टी पी सिंह ने छात्र छात्राओं को मेडल व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। संबोधन में प्रोफेसर पीसी उपाध्याय ने कहा कि भारत में प्रकृति ने अनेकानेक संसाधन दिए हैं। इन संसाधनों के साथ मानव संसाधन भी ईश्वर की एक अनुपम देन है बिना मानव संसाधन के सभी संसाधन बेकार हैं ।
उन्होंने कहा कि संसाधनों के उचित प्रयोग तथा मानवीय संवेदना के द्वारा ही राष्ट्र को समृद्धि शाली बनाया जा सकता है। छात्रों को नैतिक, आदर्शवादी जीवन जीने की भी सलाह दी। प्रधानाचार्य रवीश कुमार सिंह ने विद्यालय की उपलब्धियों को प्रस्तुत किया।इस अवसर पर डॉ टी पी सिंह, विद्यालय के निदेशक नीता सिंह,उपनिदेशक विनोद पांडेय ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए।