नगरपालिका प्रशासन सोया कुम्भकरण की नींद तो अनुज माहेश्वरी ने संभाली अलाव लगवाने की ज़िम्मेदारी
बदायूं/सहसवान
इन दिनों जहां एक ओर आत्मा तक कँपा देने वाली शीतलहर के प्रकोप ने आम गरीब आदमी के प्राण संकट में डाल दिये हैं ,वहीं सहसवान नगर पालिका प्रशासन कुंभकरण की नींद सोया हुआ है।
नगर में ठंड से बचने हेतु अलाव की व्यवस्था करवाना नगर पालिका प्रशासन की जिम्मेदारी होती है जिस जिम्मेदारी से नगर पालिका प्रशासन कोस कोस दूर है। ये प्रथम बार नहीं है जब नगर पालिका का पक्षपात भरा रूप देखने को मिला है ऐसा प्रतीत होता है कि नगर पालिका चुनाव परिणामों के रजिस्टर को सामने रख कर कार्यवाही करती हो जहाँ जहाँ से वोट मिले हैं बस वही नगर पालिका का कार्यक्षेत्र है। अलाव तो सिर्फ़ काग़ज़ों में ही लग रहा है या यूँ कहें कि सिर्फ़ खानापूर्ति हो रही है।
ग़रीब आदमी ठंड में ठिठुर रहा है लेकिन अलाव के लिए सरकार द्वारा दिये गये पैसे से सिर्फ़ व्यक्ति विशेष को ही गर्माहट मिलेगी। इसके फल स्वरूप आम जनता इस हड्डियों को भी गला देने वाली सर्दी में से बेहाल है,न तो नगर पालिका प्रशासन और ना ही चेयरमैन को इस बात की फिक्र है कि आम आदमी बिना अलाव के इस शीत लहर के प्रकोप को कैसे झेल पाएगा।
लेकिन आज के राजनीतिक कलयुग में भी अनुज महेश्वरी जैसे लोग अभी जिंदा है, अनुज माहेश्वरी नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद हेतु भारतीय जनता पार्टी से 2017 में प्रत्याशी रहे और वर्तमान में युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष भी हैं, जैसे ही अनुज माहेश्वरी के पास आम जनता ने सर्दी के मौसम में नगर पालिका द्वारा अलाव की लकड़ी न पड़वाने की शिकायत की और अपना दर्द बयां किया तो अनुज माहेश्वरी ने बिना समय गवाएं तुरंत नगर सहसवान में अलाव हेतु बहुत सारी लकड़ी की व्यवस्था की जब इस बारे में भाजयुमो जिला अध्यक्ष अनुज माहेश्वरी से बात की गई तो उन्होंने बताया की जनता की सेवा करने को सिर्फ कुर्सी ही जरूरी नहीं मन में भावना होना आवश्यक है।
लोगों ने जिस तरह बहुत सारा प्यार देकर नगर पालिका चुनाव में मेरा अभूतपूर्व सहयोग किया उसके लिए मैं लोगों का ऋणी हूं और मैंने तभी प्रण लिया था की जितना भी मेरे बस में होगा उतना हर संभव प्रयास सहसवान नगर की जनता के हित के लिए मैं करता रहूंगा, मैं राजनीती अपने घरों में विदेशी पत्थर लगाने के लिए नहीं कर रहा हूं बल्कि मेरे पास जो है उसे जनता की सेवा हेतु अर्पित करने की भावना लिए , सेवा भाव के साथ अपने क्षेत्र को अभूतपूर्व विकास की तरफ ले जाने के लिए कर रहा हूं।
यदि कोई गरीब ठंड के कारण अपने प्राण त्याग दे और राजनैतिक लोग सिर्फ दुःख प्रकट करते रहें तो ये दुर्भाग्यपूर्ण होगा।