यूपी पुलिस को मिलीं 670 महिला रिक्रूट, सीएम योगी ने ली सलामी परेड
प्रशिक्षण ही जीवन भर पुलिसकर्मियों का करता है मार्गदर्शन- सीएम
लखनऊ
महिला अपराधों की सुर्खियों के बीच उत्तर प्रदेश पुलिस को 670 महिला रिक्रूट मिल गई हैं। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद रविवार को लखनऊ की रिसर्व पुलिस लाइन में इन महिला रिक्रूट के लिए दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डीजीपी ओपी सिंह ने इन महिला रिक्रूट परेड की सलामी ली। इन महिला रिक्रट को लखनऊ और सीतापुर से ट्रेनिंग दी गयी है। यूपी पुलिस का हिस्सा बनने जा रहीं इन महिला रिकू्रट को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा, पुलिस फोर्स की आत्मा उनके प्रशिक्षण में होती है। यह प्रशिक्षण ही जीवन भी उनका मार्ग दर्शन करता है। आज से इन महिला पुलिसकर्मियों को व्यवहारिक जीवन में आमजन की सेवा का अवसर मिलने जा रहा है।
सीएम योगी ने कहा कि इससे पहले 24 नवम्बर को मुरादाबाद स्थित बीआर अम्बेडकर पुलिस अकादमी में उप निरीक्षक नागरिक पुलिस की परेड में शामिल हुआ था। दुनिया भर में रहने वाले भारतीयों का कहना है कि यहां की पुलिस का व्यवहार सबसे ज्यादा आश्चर्यजनक होता है। सीएम पोर्टल पर लोग कहते हैं कि जब कोई महिला आरक्षी किसी चौराहे पर मजनू को पीटती है तो अच्छा लगता है।
सीएम योगी ने कहा कि इन महिला पुलिसकर्मियों ने 6 माह प्रशिक्षण हासिल कर यहां शानदार परेड दे रही हैं, जो इस बात का गवाह है कि प्रधानमंत्री मोदी का 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' अभियान आगे बढ़ रहा है। इनमें कई बालिकाएं ऐसी भी होंगी, जिन्होंने एनसीसी का सामान्य प्रशिक्षण लिया होगा। ये प्रशिक्षण ही आपको यूपी पुलिस के एक अभिन्न अंग के रूप में समाहित कर रहा है।
समारोह में महिला रिक्रूट और पुलिस जवानों को संबोधित करते हुए डीजीपी ओपी सिंह ने कहा, लखनऊ और सीतापुर में प्रशिक्षित 600 से अधिक रिक्रूट आज यहां सलामी परेड दे रही हैं। पिछले दो वर्षों में पुलिस भर्ती और पीएसी भर्ती प्रक्रिया को पूरा किया गया है।
सीधी भर्तियों में 80 हजार युवाओं को नौकरी दी गयी। जिसमें से 75 हजार से ज्यादा आरक्षियों की भर्ती पिछले 2 वर्षों में की गयी है। 46 हजार से ज्यादा पदोन्नती हुई है। इस वर्ष 5 हजार पदक और सम्मान चिन्ह यूपी पुलिस को मिल चुके हैं, जिसमें राष्ट्रपति, पुलिस पदक, गृह मंत्रालय और मुख्यमंत्री पदक शामिल है।
प्रदेश में बन रहे 2 नए प्रशिक्षण केन्द्र
डीजीपी ओपी सिंह ने कहा, प्रदेश में पहली बार जिला प्रशिक्षण की ओर ध्यान दिया गया है। वर्चुअल क्लासरूम की शुरआत की गई है। प्रदेश में दो नए प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना हो रही है। डीजीपी ने कहा कि आने वाले समय में पुलिस प्रशिक्षण में कोई समस्या नहीं होगी। पुलिस भर्ती प्रशिक्षण में नवीन पाठ्यक्रम कम्प्यूटर का ज्ञान, साइबर क्राइम और ड्रोन जैसे विषयों को शामिल किया है।
डीजीपी ने कहा, जनता के प्रति अच्छे व्यवहार और उचित न्याय के माध्यम से हमने पुलिस की छवि सुधारने की कोशिश की है। महिला रिक्रूट को संबोधित करते हुए डीजीपी ने कहा, पुलिस परिवार के मुखिया के रूप में मैं आपको सलाह देता हूं कि पुलिस ट्रेनिंग में जो रुचि आपने दिखाई है, उसे बरकरार रखेंगे।