गरीब परिवार को नहीं मिला सरकारी योजनाओं का लाभ कच्चा मकान ढह जाने से गरीब परिवार के सामने रहने का संकट
गरीब परिवार को नहीं मिला सरकारी योजनाओं का लाभ कच्चा मकान ढह जाने से गरीब परिवार के सामने रहने का संकट
इस भीषण ठंड में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर एक गरीब परिवार
हरदोई। / कछौना
गरीबों और असहाय के उत्थान के लिए सरकार अनेक योजनाएं संचालित करती है जिससे गरीब से गरीब व्यक्ति मुख्यधारा से जुड़ सके। सरकारी योजनाओं का जमीनी स्तर पर सही ढंग से क्रियान्वयन न होने के कारण आम गरीब व्यक्ति को योजना का लाभ नहीं मिल पाता है जिसके कारण वह पूरी जिंदगी गर्दिश में जीने को विवश है।
ऐसा ही एक मामला विकासखंड कछौना के ग्राम बाण में प्रकाश में आया जिसमें लालाराम भुर्जी अपने परिवार का भरण-पोषण बुग्गी चलाकर करता था। समय के साथ ई-रिक्शा के आ जाने के कारण आवागमन हेतु बुग्गी व्यवस्था से लोगों ने मुंह मोड़ लिया, जिससे उसका रोजगार छिन गया। आय का मजबूत आधार न होने के कारण उसकी जिंदगी मुफलिसी में हो गई है।
धीरे-धीरे बरसात होने के कारण उसका कच्चा मकान शनिवार की रात ढह गया जिसमें पूरा परिवार बुरी तरह से दब गया। उसकी चीख-पुकार से ग्रामीणों ने पूरे परिवार को बाहर निकाल कर बचाया। उसके रहने के लिए एक कच्ची कोठरी व छप्पर था, उसके भी गिर जाने के कारण वह अब बेघर हो गया है। व
ह अपने परिवार के साथ खुले आसमान के नीचे जीवन-यापन करने को विवश है। गरीब व्यक्ति होने के कारण कोई भी प्रशासनिक अधिकारी व जनप्रतिनिधि उसकी सुध लेना मुनासिब नहीं समझ रहे हैं जिससे वह अपना दुख-दर्द बयां कर सके।
वहीं सरकार हर गरीब व्यक्ति को उसके जीवन-यापन के लिए छत देने का वादा कर रही है जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना का संचालन करती है परंतु ग्राम सभाओं में खुली बैठक ना होने के कारण व पारदर्शिता के कारण वंचित परिवार को इस योजना का लाभ नहीं मिल पाता है। इस परिवार के ऊपर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है।
वह बिलख-बिलख कर अपने दर्द को बयां करता है परंतु उसकी आवाज को सुनने वाला कोई नही है। ग्रामीणों की सतर्कता के चलते उस परिवार के साथ एक बड़ी अनहोनी घटना होते-होते बची, अब देखना ये है कि सरकार का कोई नुमाइंदा इस परिवार के संकट का हरण करने पहुंचता है या नहीं...?