"बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ" अभियान के तहत "पिंक कार्ड" योजना से परिवारों को जोड़ा गया
चित्रकूट
जिन परिवारों में दो बेटियां ही हैं उन्हें पिंक कार्ड योजना से जोड़ा जा रहा है
जिलाधिकारी शेषमणि पांडे के अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में केंद्रीय विद्यालय के संचालन के संबंध में बैठक संपन्न हुई जिलाधिकारी ने केंद्रीय विद्यालय के प्रधानाचार्य को निर्देश दिए कि अपने विद्यालय में जो बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत जिन परिवारों में दो बेटियां ही हैं उन्हें पिंक कार्ड योजना से आच्छादित किया गया है उन्हें अपने यहां भी निःशुल्क सुविधाएं प्राप्त कराएं क्योंकि जनपद में कई विद्यालय इस योजना के तहत छात्राओं को निशुल्क शिक्षा के क्षेत्र में लाभ दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि विद्यालय की जो जमीन चिन्हित की गई है उसके लिए धनराशि की मांग शासन स्तर पर पत्र भेजकर की जाए जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश दिए कि राजकीय बालिका इंटर कॉलेज कर्वी से संपर्क करके एक कक्ष विद्यालय संचालन के लिए और दिलाएं उन्होंने प्रधानाचार्य को यह भी निर्देश दिए कि कक्षा कक्ष का पार्टीशन कराएं उसका प्रस्ताव लोक निर्माण विभाग से प्राप्त कर लें तथा अच्छी तरीके से विद्यालय की रंगाई पुताई करा दी जाए मुख्य चिकित्सा अधिकारी से कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण समय समय पर कराया जाए और नेत्र परीक्षण अवश्य कराएं उसमें सद्गुरु सेवा संघ जानकी कुंड का भी सहयोग लिया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि जो भी विद्यालय के कार्य हैं उनको शासनादेश के अनुसार कराएं बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ महेंद्र कुमार जिला दिव्यांगजन अधिकारी राजेश कुमार नायक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ विनोद कुमार उप निदेशक कृषि टीपी शाही प्रधानाचार्य चित्रकूट इंटर कॉलेज कर्वी वीर सिंह चौहान सहित संबंधित अधिकारी व समिति के सदस्य मौजूद रहे।
तत्पश्चात जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कृषि कार्य योजना में संशोधन एवं अनुमोदन के संबंध में समीक्षा की उन्होंने उप निदेशक कृषि टीपी शाही को निर्देश दिए कि भारत सरकार द्वारा कृषि विकास मिशन में जो 5 वर्षों की विभिन्न विभागों की कार्य योजना बनाई गई है।
उसका अच्छी तरह से अनुपालन करते हुए भेजा जाए ताकि भारत सरकार की मंशा के अनुरूप परंपरागत खेती के लिए जो प्लान किया गया है उसमें किसानों की आय कैसे दोगुनी हो उस को ध्यान में रखते हुए विभिन्न योजनाओं को लागू कराते हुए फसलों के माध्यम से उत्पादन प्रक्रिया को बढ़ावा दिया जाए तथा अन्य विभिन्न बिंदुओं की भी विस्तृत चर्चा की गई।