बदायूँ सहसवान तम्बाकू उत्पाद पर कटने लगी जेब, विक्रेता वसूल रहे दोगुना मूल्य।
बदायूं
सहसवान तम्बाकू पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की गई थी। तम्बाकू उत्पादन, ब्रिकी तथा भंडारण पर रोक की घोषणा ने इनकी कालाबाजारी बढ़ा दी। इसके बाद से ग्रामीण अंचलों में अधिकांश विक्रेताओं की ओर तम्बाकू उत्पादों पर अंकित कीमत से ज्यादा मूल्य लिया जा रहा है।बदायूं सहसवान सरकार की ओर से तम्बाकू, बीड़ी, सिगरेट, पान मसाले तथा फ्लेवर्ड सुपारी के उत्पादन, ब्रिकी तथा भंडारण पर रोक की घोषणा ने इनकी कालाबाजारी बढ़ा दी।
घोषणा के बाद से ग्रामीण अंचलों में अधिकांश विक्रेताओं द्वारा तम्बाकू उत्पादों पर अंकित कीमत से ज्यादा मूल्य लिया जा रहा है। इस मनमानेपन से गुटखा, सुपारी, बीडी-सिगरेट आदि का सेवन करने वालों की जेब कट रही है, वहीं सरकार के आदेश का असर भी बेअसर-सा नजर आ रहा है।प्रति पैकेट 40 से 50 रुपए बढ़ाए सहसवान क्षेत्र में जहां सेल्समैनों ने प्रति पैकेट 40 से 50 रुपए बढ़ा दिए हैं।
वहीं विक्रेता प्रति पाउच इनका दोगुना मूल्य तक ले रहे हैं। बस्सी में 10 रुपए वाली सिगरेट के 15 रुपए तक देने पड़ रहे हैं। गुटखे के पाउच पर भी 3 से 4 रुपए अधिक लिए जा रहे हैं। गुटके का पाउच पांच वाला ₹10 में बिक रहा है। सहसवान कस्बा क्षेत्र भी इस कालाबाजारी से प्रभावित हो रहा है।
अब तक कोई कार्रवाई नहीं।
सहसवान के आसपास के अंचलों में हानिकारक तत्व वाले पान मसाले और फ्लेवर्ड सुपारी पर प्रतिबंध की घोषणा के बावजूद बाजार में धडल्ले से बेचे जा रहे हैं। प्रतिबंध की घोषणा के बाद से ही यहां क्षेत्र के पान मसाला कारोबारियों और थोक विक्रेता दुकानदार गुटखा की कालाबाजारी कर रहे हैं। यहां अंकित मूल्य से दोगुने दामों पर गुटखा बेचा जा रहा है। इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। शाहबाजपुर ,नवादा ,सैफुल्लागंज, मोहद्दीनपुर ,अकबराबाद, दहलीज, मिर्ज़ा टोला, पठान टोला, काजी मोहल्ला , गांव व मोहल्ले सहित अन्य क्षेत्र में सेल्समैन और दुकानदार मनचाहे मूल्य पर गुटखा बेचने लगे हैं।
बड़े दुकानदार तो गुटखा को अपनी दुकानों से हटाकर अन्य जगह स्टॉक कर ब्लैक कर रहे हैं।अंकित मूल्य से भी अधिक वसूली सेल्समैन छोटे रिटेलर दुकानदारों को अंकित मूल्य से भी अधिक पर गुटखा और तम्बाकू बेच रहे हैं। यहां आसपास के शहर व कस्बों गांवों पर कहीं दुकानों से गुटखा हटा लिया है, तो कही सामने ही लटका दिख रहा है। दुकानदार पहले जो गुटखा 5 रुपए में बेच रहे थे वो अब 10 रुपए में बेच रहे हैं। मुख्य बाजार क्षेत्र में कुछ दुकानों पर तम्बाकू उत्पादों के पाउच या स्टॉक नजर आ रहा है। प्रतिबंध की चर्चाओं के बीच उपखंडों के अंचलों के अधिकांश व्रिकेताओं ने अपनी दुकान और थडिय़ों से तम्बाकू उत्पाद हटा लिए है लेकिन दूसरे स्थानों पर स्टॉक भी कर लिया है।
सिगरेट का रेट पहुंचा 15 रुपए के पास बदायूं सहसवान में सिगरेट का रेट 10 से सीधा 15 रुपए कर दिया गया है। सहसवान गांव में तो गुटखा पाउच पर 4 से 5 रुपए तक अधिक वसूले जा रहे हैं। तम्बाकू सेवन के आदी ग्रामीण आदत के चलते इसे बर्दाश्त भी कर रहे हैं। कोई विरोध करता भी है तो उसे विक्रेता खाली हाथ लौटा देते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सिगरेट से ज्यादा बीड़ी का सेवन अधिक होता है, ऐसे में व्रिकेताओं ने इस पर भी 'अपना रेट' लगाना शुरू कर दिया है।
लोग समझें, जांच के बाद लगेगा प्रतिबंध
ग्रामीण क्षेत्रों में इनका सेवन करने वालों को कई व्रिकेता प्रतिबंध की बात कहकर भ्रमित कर रहे हैं। 'तम्बाकू, पान मसाला और सुपारी को सरकार ने बंद कर दिया' यह कहकर कालाबाजारी कर रहे हैं। ऐसे में तम्बाकू उत्पादों का सेवन करने वालों को समझना होगा कि प्रतिबंध से पहले खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा बाजार से सैम्पल लेकर जांच की जाएगी। जांच में सैम्पल फेल होने पर उस पर प्रतिबंध लागू हो जाएगा।