लोकडाउन के दौरान कालाबाजारी चरम पर
सम्पूर्ण देशव्यापी लोकडाउन के जहां केंद्र एवम राज्य सरकारें कोरोना महामारी से आम जनता को सुरक्षित रखने की व्यवस्था में लगी हुई है।वहीं दूसरी तरफ आम जनता को महंगाई की मार झेलनी पड़ रही है, जहां एक तरफ सरकारी अधिकारी एवम कर्मचारी अपनी जान की परवाह न करते हुऐ दिन रात कोरोना वोलेंटियर के रूप में कार्यरत हैं, एवम अपनी सैलरी में से मुख्यमंत्री राहत कोष,एवम प्रधानमंत्री राहत कोष में दान कर रहे हैं।साथ ही उनका महंगाई भत्ता एवम यात्रा भत्ता भी अग्रिम आदेशों तक रोक दिया गया हैं।फिर भी ये सभी अधिकारी एवम कर्मचारी चाहे वह अध्यापक हो,डॉक्टर हो, पुलिसकर्मी हो ,पंचायत अधिकारी हो अथवा कोई भी सरकारी कर्मचारी हो यह आदेश सभी सरकारी सेवा से जुड़े हुये अधिकारीयों एवम कर्मचारियों पर लागू कर दिया गया है।वही दूसरी तरफ समाज सेवी संस्थाओं से जुड़े लोग खुद एवम अपने सहयोगियों से भीख मांगकर अथवा सहयोग की अपील करते हुऐ गरीब जनता का पेट भरने में सरकार का सहयोग कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ व्यापारी वर्ग इस लोकडाउन का फायदा उठाकर जरूरी सामानों को दुगनी तिगनी कीमत पर बेचकर अपनी तिजोरी भरने में लगे हुये हैं...।जैसे कि उदारहण नमक की 10 ₹ वाली थैली 35₹ में, सरसों के 5 लीटर की कीमत जो कि लोकडाउन से 2 दिन पहले 500₹ की थी वहीं वर्तमान में इसकी कीमत 655₹ है। पूछताछ करने पर भड़कते हुये कहते हैं कि इतने की है।लेनी हो तो लो अन्यथा अपना काम करो। ज्यादा पूछताछ करने पर कहने लगते है।कि ऊपर से हमे इतने का ही मिल रहा है। और तो और इससे बड़ी प्रशासन की नाकामी क्या होगी कि राज्य सरकार के आदेश के बाबजूद प्रतिबंधित हो चुकी तम्बाकू के उत्पाद जैसे कि 10₹ वाली गोल्डमोहर वर्तमान में 65 ₹,विमल पान मसाला 40 ₹, मैनपुरी तम्बाकू 40₹ 5 ₹ वाली सिगरेट 35 ₹ में आसानी से उपलब्ध हो रही है। जिनको इन तम्बाकू उत्पादों की लत लग चुकी है वो लोग मरता क्या न करता की तर्ज पर इनको खरीदने पर मजबूर होकर व्यापारियों की तिजोरी भरने पर मजबूर हैं।और व्यापारी भी बिना खौफ के इनको बेच रहे हैं। अब इसको प्रशासन की नाकामी कहें,या व्यापरियों की प्रशासनिक अधिकारियों से मिलीभगत इस बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल है।कि इस लोकडाउन से जँहा सरकारें आम जनमानस को बचाने में लगी हुई हैं, वही व्यापरियों की इस कालाबाजारी से गरीब एवम मध्यमवर्गीय परिवारों में रोष व्याप्त है।सूत्रों के अनुसार अगर इस कालाबाजारी पर जल्द रोक नहीं लगाई गई ,तो आम जनता अपना गुस्सा सरकार, एवम प्रशासन पर निकालने में कोई कमी नहीं छोड़ेगी।
जीआईसी ग्राउंड में 24 जनवरी से यूपी स्थापना दिवस पर शुरू होंगे कार्यक्रम* "निवेश एवं रोजगार" थीम पर प्रशासन भव्यता से मनाएगा यूपी दिवस लखीमपुर खीरी 20 जनवरी। शासन के निर्देश पर जनपद खीरी में "निवेश एवं रोजगार" मुख्य थीम पर 24 से 26 जनवरी की अवधि में 'उत्तर प्रदेश दिवस-2023' को समारोहपूर्वक आयोजित होगा, जिसमें सभी विभागों द्वारा अपनी सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। डीएम ने बताया कि जनपद मुख्यालय पर राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में यूपी दिवस पर तीन दिवसीय भव्य कार्यक्रम होगा। जिसमें निवेश एवं रोजगार पर आधारित संगोष्ठियां, उद्यमी सम्मेलन आदि कार्यक्रम प्रमुखता से आयोजित होगी। आयोजन में निवेश एवं रोजगार, डिजिटल उत्तर प्रदेश, साइबर सुरक्षा व उन्नत प्राकृतिक कृषि विषयों पर प्रदर्शनियाँ आयोजित होगी। संबंधित विभाग विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों, जनपदों की विशिष्ट प्रतिभाओं की सफलता की कहानी को भी फोटो, फिल्म, ब्रोशर के माध्यम से प्रदर्शित करें।इस अवसर पर खादी एवं ग्रामोद्योग/एमएसएमई, एनयूएलएम, एनआरएलएम, स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की प्रदर्शनियाँ भी लगेगी। इस अवसर ...