गत लोकसभा (2014) चुनाव में झांसी-ललितपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री सु.श्री. उमा भारती जी ने आप मान्यवर जी के समक्ष बुन्देलखंड राज्य 3 साल के भीतर बनवा देने का वादा बुन्देलखंड की जनता ने किया था।
*उत्तर प्रदेश सरकार ने सात जनपदों क्रमशः झांसी, बाँदा, जालौन, हमीरपुर, ललितपुर, चित्रकूट एवं महोबा को मिलाकर बुन्देलखंड विकास बोर्ड का गठन किया है। इसी प्रकार मध्य प्रदेश सरकार ने सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, दमोह, पन्ना, दतिया एवं निवाड़ी को मिलाकर बुन्देलखंड विकास प्राधिकरण का गठन किया है। इन्ही समस्त जिलों को बुन्देलखंड मानकर केंद्र सरकार ने बुन्देलखंड पैकेज दिया था*।
ज्ञापन में मांग की गई कि इन क्षेत्रों के साथ लहार, पिछोर, करेरा, गोहांड, चंदेरी, गंजबासौदा, कटनी, सतना का चित्रकूट आदि क्षेत्रों को जोड़कर अखंड बुन्देलखंड राज्य का निर्माण किया जाना चाहिये।
देश की आज़ादी के 73 वर्ष बाद भी देश के हृदय स्थल बुन्देलखंड को सरकारी दस्तावेजो में अति पिछड़ा क्षेत्र लिखा जाता है जो सरकारों के विकास के नज़रिए को दर्शाता है।
*बुन्देलखंड राज्य 3 साल के भीतर बनवा देने के वादे के 6 साल पूरे हो गए है परंतु अभी तक केंद्र सरकार में राज्य निर्माण की कार्यवाही तक प्रारम्भ नही हुई है*।
ज्ञापन में मांग की गई कि शीघ्र अखंड बुन्देलखंड राज्य का गठन कर अपना वादा पूरा कीजिये।
ज्ञापन भेंट करते समय कहा गया कि हर माह की 30 तारीख को राज्य निर्माण के लिए ज्ञापन दिया जाया करेगा जिसमे राज्य समर्थक राजनैतिक दलों एवं गैर राजनीतिक संगठनों को शामिल कर बड़ा आंदोलन प्रारम्भ किया जाएगा।
ज्ञापन भेंट करने वालो में अशोक सक्सेना, रघुराज शर्मा, वरुण अग्रवाल, उत्कर्ष साहू, गिरजा शंकर राय, कुँवर बहादुर आदिम आदि उपस्थित रहे।