चंदौली। जनपद में मुख्यालय के महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित जगदीश सराय गांव का है।जहां के ग्राम विकास अधिकारी ने मात्र 10000 की रकम न मिलने पर नंदलाल पासवान के कच्चे व जर्जर मकान को पक्का मकान बना दिया और शासन को रिपोर्ट भी भेज दी।
चंदौली। जनपद में मुख्यालय के महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित जगदीश सराय गांव का है।जहां के ग्राम विकास अधिकारी ने मात्र 10000 की रकम न मिलने पर नंदलाल पासवान के कच्चे व जर्जर मकान को पक्का मकान बना दिया और शासन को रिपोर्ट भी भेज दी।
मालूम हो कि विकासखंड सदर चंदौली के जगदीश सराय गांव के नंदलाल पासवान ने आईजी आरएस पोर्टल पर प्रधानमंत्री आवास के लिए गुहार लगाई थी। इस संबंध में नंदलाल पासवान ने बताया कि ग्राम विकास अधिकारी मकान की जांच करने के लिए आए तो उन्होंने ₹10000 मांगा और कहा था कि पैसा खंड विकास अधिकारी एवं उच्च अधिकारियों को देना होता है। तभी आवास आपको हो सकता है। लेकिन मेरे पास पैसा ना होने के कारण मैं पैसा देने में असमर्थ जताई। तो उन्होंने किसी अन्य के पक्के मकान के सामने फोटो खींचकर उसे मेरी शिकायत के पत्र में पक्का मकान अपलोड करके मुझे अपात्र घोषित कर दिया।जबकि ग्राम प्रधान ने लिखित दिया है कि मैं आवास पाने के लिए पात्र हूं। लेकिन अब यह तस्वीर कुछ और ही बयां कर रही है। जो कि कहीं ना कहीं इस हालात को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि यदि पैसा दिया गया होता तो शायद उन्हें भी पक्का मकान मुहैया हो जाता।अब देखना है कि इस मामले में जांच अधिकारी किस तरह का कार्यवाही करते हैं। और नंदलाल का नाम पात्रता सूची में आ जाता है कि नहीं। राष्ट्र नमन समाचार पत्र से ब्यूरो चीफ अमित यादव की रिपोर्ट