*कुमारगंज: कृषि विश्वविद्यालय ने विश्व रेबीज दिवस पर वेबीनार कराके किया जागरूक*
*विश्व रेबीज दिवस पर राष्ट्रीय वेबीनार तथा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता सम्पन्न*
*रेबीज पागल कुत्ते के अलावा बंदर,नेवला,सियार एवं बिल्ली आदि के काटने से भी होता है*
*मिल्कीपुर अयोध्या*
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय द्वारा विश्व रेबीज दिवस 28 सितंबर 2020 को क्षेत्रीय स्तर पर पशुओं में रेबीज की निगरानी को प्रबल बनाने विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय वेबीनार का आयोजन, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ0 बिजेंद्र सिंह के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। जिसमें देशभर के पशु चिकित्सा वैज्ञानिकों एवं छात्रों ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ0 बिजेंद्र सिंह द्वारा की गई । अपने अध्यक्षीय भाषण में डॉ0 सिंह ने समाज में लोगों को रेबीज के बारे में जागरूक होने तथा उससे बचने के लिए टीकाकरण कराने हेतु प्रेरित किया । डॉक्टर सिंह ने विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों को रेबीज के निदान तथा बचाव की दिशा में शोध करने तथा लोगों को जागरूक करने हेतु निर्देशित किया । पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ0 आर0के0 जोशी ने महाविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों तथा क्रियाकलापों की रूपरेखा प्रस्तुत की ।
विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण तथा नाहेप परियोजना के मुख्य अन्वेषक डॉ0 डी0 नियोगी ने रेबीज पर प्रकाश डालते हुए नाहेप परियोजना द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यो की रूप-रेखा प्रस्तुत की ।
इस अवसर पर वेबीनार की आयोजक सचिव डॉ0 नमिता जोशी ने बताया कि विश्व रेबीज दिवस पर ऑनलाइन आयोजित राष्ट्र स्तरीय प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में देश के कुल 84 पशु चिकित्सा विज्ञान के स्नातक एवं परास्नातक छात्रों ने प्रतिभाग किया तथा 4 छात्रों ने शत-प्रतिशत अंक प्राप्त किए। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर अयोध्या जिले के 125 लोगों पर रेबीज जागरूकता सर्वेक्षण किया गया । जिसमें से 80% लोग यह जानते हैं कि रेबीज पागल कुत्ते के काटने से होती है । परंतु अधिकांश लोग यह नहीं जानते कि यह बीमारी पागल कुत्ते के अलावा सियार, नेवला, बंदर आदि के काटने से भी यह बीमारी फैलती है तथा लोग इसके प्राथमिक उपचार व टीकाकरण के बारे में अनभिज्ञ थे। अतः उन सभी लोगों को इस बीमारी के फैलाव, प्राथमिक उपचार तथा टीकाकरण के बारे में जागरुक किया गया। इस अवसर पर अयोध्या जनपद के विभिन्न विद्यालयों में बच्चों को रेबीज बीमारी के बारे में जागरूक किया गया। वेबीनार की मुख्य अतिथि वक्ता कर्नाटका पशु चिकित्सा एवं मत्स्य विश्वविद्यालय, हब्बल, बेंगलुरु की अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक डॉक्टर शारदा ने अपने व्याख्यान में रेबीज की व्यापकता, कारक, फैलाव, विभिन्न पशुओं एवं मानव में उसके लक्षण, निदान तथा बचाव के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
वेबीनार के सह संयोजक सचिव डॉक्टर सत्यव्रत सिंह ने क्रायक्रम का संचालन तथा डॉ 0 जितेंद्र प्रताप सिंह ने धन्यवाद देते हुए अपने -अपने विचार रक्खे । विश्व विद्यालय के मिडिया प्रभारी डॉ0 अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि वेबीनार के संयुक्त संयोजक सचिव डॉ0 देश दीपक सिंह, डॉ0 जसवंत सिंह, डॉ0 सोनू जयसवाल, डॉ0 एस के मौर्या तथा डॉ0 पंकज चौधरी ने राष्ट्र स्तरीय वेबीनार के आयोजन में अहम योगदान दिया ।
अयोध्या से ब्यूरो चीफ
शिव किशोर शुक्ला की रिपोर्ट