चंदौली| पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर में गरीब और मलिन बस्तियों में रहने वाले बच्चों को अक्सर शिक्षा से वंचित रह जाते हैं| ऐसे ही स्लम इलाकों के बच्चों में शिक्षा की अलख जगाने निकली समाजसेविका अनिता कुशवाहा ने बच्चों के बीच पुस्तकें कापियां व कलम वितरित कर उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित किया|
चंदौली| पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर में गरीब और मलिन बस्तियों में रहने वाले बच्चों को अक्सर शिक्षा से वंचित रह जाते हैं| ऐसे ही स्लम इलाकों के बच्चों में शिक्षा की अलख जगाने निकली समाजसेविका अनिता कुशवाहा ने बच्चों के बीच पुस्तकें कापियां व कलम वितरित कर उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित किया|
अनिता कुशवाहा पैसे से रेलकर्मी है और अपने रेल सेवा के बाद बचे खोजे समय को समाज के लिए समर्पित करती चली आ रही हैं| एक महिला होकर परिवार की जिम्मेदारी निभाते हुए समाज को भी समय देना अन्य महिलाओं के लिए एक प्रेरणा की विषय बना है| आपको बता दें कि lock-down के दौरान अनिता कुशवाहा ने अपने रेल सेवा से बचे कुचे समय को इस्तेमाल करते हुए घर पर ही कपड़े का मास्क बनाकर वितरित करती चली आ रही है| समाज के प्रति अनिता कुशवाहा के इस समर्पण की चारों तरफ काफी सराहना की जा रही है| राष्ट्र नमन समाचार पत्र से ब्यूरो चीफ अमित यादव की रिपोर्ट