उन्नाव जनपद मे बहु चर्चित माखी कांड में पीड़िता के अधिवक्ता महेन्द्र सिंह का हुआ निधन-*
28 जुलाई सन 2019 को एक्सीडेंट में घायल होने के बाद लगातार अभी तक कोमा में होने के कारण मामलों की जांच कर रही सी बी आई नही ले पाई थी बयान
एक्सीडेंड को लेकर पीड़िता के चाचा की तहरीर पर भाजपा के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर सहित अन्य पर हुआ था मुकदमा दर्ज आज सुबह 7 बजे उन्नाव जिला अस्पताल में हुआ अधिवक्ता महेंद्र का निधन इस मामले में सबसे अहम बात
न्यायालय से सजा पाए पुर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर , पीड़िता का परिवार ,एवम मृतक अधिवक्ता महेन्द्र सिंह सब एक ही गांव के निवासी और आसपास ही सबके मकान
जब मुकदमे बाजी शुरु हुई थी उसके बाद विगत वर्ष 28 जुलाई 2019 दिन रविवार को रायबरेली जेल में बन्द पीड़िता के चाचा से स्विफ्ट डिजायर गाड़ी से मृतक अधिवक्ता महेन्द्र सिंह पीड़िता व उसके परिवार को लेकर मिलने जा रहे थे
रास्ते मे हुए एक्सीडेंट में मौके पर ही पीड़िता की चाची व उसकी बहन की मौत हो गई थी
जबकि गम्भीर हालत में पीड़िता व अधिवक्ता को लखनऊ से दिल्ली शिफ्ट कर दिया गया था
ंजहां दिल्ली से फरवरी 2020 में अधिवक्ता महेन्द्र को वापस लखनऊ राम मनोहर लोहिया भेज दिया गया
उंसके बाद कोरोना के चलते राम मनोहर लोहिया से माह मार्च में महेन्द्र को घर भेज दिया गया था तबसे वह कोमा में ही आवास विकास कालोनी शहर उन्नाव में अपने परिवार के देवेंद्र सिंह के आवास पर थे
इधर महेन्द्र के घायल होने के बाद सभी मामलों की पैरवी महेन्द्र के साथी अधिवक्ता अजेंद्र अवस्थी कर रहे थे माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर अजेंद्र व महेंद्र को सी आर पी एफ सुरक्षा भी मिली हुई हैं काफी समय से यह मामला शान्त था लेकिन आज अचानक अधिवक्ता के निधन के बाद फिर यह मामला सुर्खियों में है।