*मुख्यमंत्री जी देख लीजिए उत्तर प्रदेश पुलिस का रवैया सहसवान कोतवाली पुलिस द्वारा लगा दी जाती हैं 1076 पर झूठी रिपोर्ट।*
*झूठी रिपोर्ट लगाने के लिए है सहसवान कोतवाली पुलिस मशहूर*
*सहसवान कोतवाली पुलिस द्वारा नहीं होता शिकायतों का सही निस्तारण*
बदायूँ मुख्यमंत्री द्वारा बनाए गए सुरक्षा हेतु हेल्पलाइन नंबर 1076 पर शिकायत कर्ताओं की शिकायत को फर्जी रिपोर्ट लगाकर संतुष्ट कर दिया जाता है बताते चलें की भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान के पदाधिकारियों द्वारा 10 क्षेत्र के पोर्टल पर की गई शिकायत को नजरअंदाज करते हुए फर्जी रिपोर्ट लगा दी गई इन्हीं कि नहीं अन्य जनता की भी शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया जाता है इसके लिए सहसवान कोतवाली पुलिस जानी जाती है इसी तरह कई मामलों में फर्जी जोड़ों की शिकायत पत्रकारों एवं पोर्टल चैनल आदि को शिकायत करते रहते हैं।
मुख्यमंत्री से की शिकायत तहसील सहसवान में महत्वपूर्ण जन उपयोगी हेल्पलाइन 1076 की उड़ाई जा रही है धज्जियां एक ही संदर्भ के 6 निस्तारण वह भी फर्जी एक वर्ष हो चुका है शिकायतकर्ता को अवैध कब्जा की शिकायत करते हुए लेकिन 1 वर्ष से न्याय नहीं मिला मिला सिर्फ निस्तारण समस्या का नहीं शिकायत का वह भी फर्जी हां जी मामला ऐसा ही है ग्राम धापड़ तहसील सहसवान जनपद बदायूं के सामाजिक कार्यकर्ता आर्यन पाल सिंह के साथ हुआ उन्होंने 10 76 हेल्पलाइन पर चक मार्ग पर अवैध कब्जा हटवाए जाने के संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी हेल्पलाइन 1076 पर यह शिकायत तहसीलदार सहसवान को प्राप्त हुई जिसमें शिकायतकर्ता का अवैध कब्जा नहीं हटा फिर फीडबैक दर्ज हुआ इस तरह से तीन बार तहसीलदार के पास फर्जी आख्या लगती चली गई फिर फीडबैक दर्ज हुआ शिकायत उच्च अधिकारी एसडीएम सहसवान के यहां पहुंची यहां भी समस्या का समाधान नहीं हुआ फर्जी आख्या लगाई गई फिर फीडबैक दर्ज हुआ शिकायत डीएम बदायूं के पास पहुंची फिर भी शिकायत का समाधान नहीं हुआ इस तरह से शिकायत उच्च अधिकारी को छठी बार फिर फीडबैक दर्ज हुआ शिकायत पहुंची मंडल आयुक्त बरेली मंडल बरेली के पास मंडलायुक्त ने अधीनस्थ के लिए शिकायत भेज दी जिसमें तहसीलदार सहसवान द्वारा लिखा गया है कि चक मार्ग से अवैध कब्जा हटवा दिया गया है तथा सुचारू रूप से चालू है 6 निस्तारण में यही लिखा गया है कि सुचारु रुप से चालू है उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट में गुमराह किया गया है लेकिन मौके पर कबजा आज तक नहीं हटा है नाही चकरोड मौके पर चालू है इस तरह से एक ही संदर्भ में छह बार फर्जी जांच आख्या लगाई गई तथा उच्च अधिकारियों को गुमराह किया गया शिकायतकर्ता को न्याय की उम्मीद नहीं दिखी फिर आज 29/12/ 2020 को एक शिकायती प्रार्थना पत्र माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ को भेजा है जिसमें वह फर्जी जांच आख्या भी संलग्न की गई है उपरोक्त जांच आख्या लगाने वाले अधिकारी कर्मचारियों पर कार्रवाई कराए जाने की मांग की गई है तथा चक मार्ग से अवैध कब्जा हटवाने के संबंध में प्रार्थना पत्र माननीय मुख्यमंत्री को भेजा गया है।