एससी एसटी आयोग के उपाध्यक्ष मनीराम कोल वन विभाग को दिया चेतावनी अब नहीं उड़ेगा गरीबों की झोपड़ी
नौगढ़ चंदौली
वीर एकलव्य के जयंती के शुभ अवसर पर मुख्य अतिथि एससी एसटी आयोग के उपाध्यक्ष एवं दर्जा प्राप्त मंत्री मनीराम कोल ने आज वीर एकलव्य जीके जीवन गाथा को क्षेत्र के हजारों की संख्या में उपस्थित ग्रामीणों को बताया कि वीर एकलव्य एक ऐसे धनुर्धर थे जिनके जीवन पर जितना भी प्रकाश डाला जाए उतना कम होगा क्योंकि वह ऐसे धनुर्धर थे जो अपने गुरु के यहां लगभग चार-पांच बार धनुर्विद्या सीखने के लिए गए लेकिन उन्हें उनका गूरु द्रोणाचार्य नहीं सिखाएं जिसकी वजह से वह वनों में चले गए तत्पश्चात अपने ग्रुप की एक मिट्टी की प्रतिमा बनाकर धनुर्विद्या सीखने लगे और उन्हें धनुर्विद्या के ज्ञान की प्राप्ति हो गई तभी उसी रास्ते से अपने शिष्यों के साथ द्रोणाचार्य जा रहे थे तो उन्हें देखकर उनके पास चले गए पूछने लगे आप यह विद्या कैसे हासिल किए तभी उन्होंने बताया कि गुरु जी आपकी ही कृपा से हम यह विद्या सीख पाए हैं तो इतना सुनते हुए उनकी नजर अपने प्रतिमा पर पड़ी तो उनसे दान में उनका अंगूठा दाहिने हाथ का मांग लिए इसी तरह से इस समाज के लोगों को निरंतर नीचे छोड़ा जा रहा है जिसका कारण है कि यह आदिवासी वनवासी समाज जो अति पिछड़ा गरीब मजलूम आज तक पढ़ा हुआ है इसका मूल कारण अशिक्षा है जिसकी वजह से आज तक इस समाज का कोई भी व्यक्ति आईएएस पीसीएस नहीं बन पा रहा है इसलिए इस समाज का अगुआ पढ़े लिखे नहीं हैं इसीलिए इनकी अगुवाई संसद व विधान परिषद में नहीं किया जाता है कुछ अगर हैं अभी तो उनका कभी भी टीवी व दूरदर्शन पर संसद और विधान परिषद में कभी अगुआई नहीं करते हैं
वही विशिष्ट अतिथि जय प्रकाश उर्फ शेरू यादव अपने क्षेत्र की तमाम समस्याओं को मंत्री जी से रूबरू कराते हुए कहे कि यहां आदिवासी वनवासियों को जमीन नहीं है कुछ है भी तो वह जंगल की जमीन है जिसकी वजह से वन विभाग के लोग उन्हें आए दिन परेशान करते रहते हैं वहीं शंभू खरवार ने मंत्री जी को एक लिखित प्रार्थना पत्र देते हुए कहे कि हमारे क्षेत्र में रोजगार सड़क पानी की काफी समस्या है जिसका निदान नहीं किया जा रहा है हम लोग आए दिन प्रार्थना पत्र देते रहते हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है इस कार्यक्रम की अध्यक्षता श्यामलाल कोल के द्वारा करते हुए कहा कि हम आदिवासी बन वासियों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्राप्त कराया जाए और हम आदिवासियों की जमीन से उजाला ना जाए इन बातों को सुनते हुए मंत्री जी ने कहा कि एक आदेश अभी पिछले महीने जारी किया गया है कि कोई भी आदिवासी बनवासी अनुसूचित जाति का जहां कहीं भी अपनी झोपड़ी या मकान बनाकर रह रहा है वहां से उसे अब हटाया नहीं जाएगा चाहे वह 40 साल से रह रहा हो या 6 महीने से उसे हटाया नहीं जाएगा। इस दौरान विमलेश कुमार ईश्वर प्रसाद अनीता कोल नरसिंह यादव नंदलाल संतोष कोल सत्यनारायण यादव एवं चकरघट्टा थाना प्रभारी राजेश सरोज तथा पीएसी के जवान मौजूद रहे।