*जनपद शाहजहांपुर में छात्रा बोली, बाग में हुआ था सामूहिक दुष्कर्म का प्रयास* जनपद शाहजहांपुर से जितेंद्र कुमार कश्यप की रिपोर्ट निर्वस्त्र छात्रा को आग लगाने के मामले में जांच कर रही पुलिस बयान और साक्ष्यों में उलझ गई। झुलसी छात्रा कह रही कि सहेली के कहने पर वह कालेज से बाहर गई वहां तीन लड़कों ने बाग में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म का प्रयास किया। असफल होने पर आग लगा दी। शाहजहांपुर निर्वस्त्र छात्रा को आग लगाने के मामले में जांच कर रही पुलिस बयान और साक्ष्यों में उलझ गई। झुलसी छात्रा कह रही कि सहेली के कहने पर वह कालेज से बाहर गई, वहां तीन लड़कों ने बाग में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म का प्रयास किया। असफल होने पर आग लगा दी। पुलिस ने तीनों आरोपितों की काल डिटेल और लोकेशन निकलवाई तो इससे मिलान नहीं हुआ। तीनों को क्लीनचिट नहीं मिली है, मगर इस प्रकरण का मुख्य बिंदु सहेली की भूमिका मानी जा रही है। पुलिस का मानना है कि छात्रा की सहेली के सीने में कई राज हैं। वे बाहर आएंगे तभी सच्चाई सामने आ सकेगी। छात्रा के साथ बड़ी घटना हुई। तीनों आरोपितों ने दुस्साहस किया है। कालेज गई छात्रा दोपहर करीब 12 बजे बाहर निकल आई थी। शाम को रिग रोड किनारे राहगीरों ने उसे निर्वस्त्र जली हालत में देखा तो पुलिस बुलाई। छात्रा का लखनऊ में इलाज चल रहा है। बुधवार को उसने टुकड़ों में बयान दिए। बताया कि सहेली, उसके देवर, उसके बुआ के बेटे समेत तीन लोगों ने वारदात को अंजाम दिया। खुद नहीं आई सहेली छात्रा का कहना है कि सहेली ने उससे कहा था कि कालेज से करीब एक किमी दूर आना है, वहीं उससे मुलाकात होगी। दोपहर 12 बजे से कालेज से पैदल ही वहां तक पहुंच गई। सहेली नहीं मिली, मगर उसका देवर, उसकी बुआ का बेटा और एक अन्य युवक दो बाइकों से मिले। तीनों ने जबरन बाइक पर बैठा लिया। मुंह में कपड़ा ठूंस दिया ताकि शोर न कर सके। इसके बाद बाग में ले जाकर दुष्कर्म करने का प्रयास किया। विरोध करने पर केरोसिन डालकर आग लगा दी। उसकी सहेली की भूमिका पहले ही दिन से संदिग्ध लग रही थी, इसलिए दो दिन तक पुलिस उससे घर में ही पूछताछ करती रही। बुधवार को उसे महिला थाने ले आया गया। प लिस को नहीं मिल रही लोकेशन छात्रा के बयान के आधार पर पुलिस ने सहेली के देवर मनीष समेत तीनों युवकों को पकड़ लिया। इनसे जुड़े साक्ष्य जुटाए जाने लगे। पुलिस का कहना है कि सोमवार को आरोपितों की लोकेशन कालेज या घटनास्थल के आसपास नहीं मिल रही है। एक आरोपित के जिले से बाहर होने की बात सामने आ रही है। हालांकि पुलिस इस आधार पर तीनों को क्लीनचिट नहीं देगी। अंदेशा यह भी जताया जा रहा है कि तीनों बेहद शातिर हो सकते हैं। मोबाइल फोन लोकेशन से साक्ष्य मिल सकते हैं, इसलिए हो सकता है कि जानबूझकर मोबाइल फोन उस दिन साथ न रखा हो। सभी के मोबाइल की सीडीआर से लेकर अन्य पहुलओं पर भी जांच पड़ताल कर रही है। छात्रा के मोबाइल फोन से भी नहीं मिला ठोस सुबूत प लिस को छात्रा के मोबाइल से भी कोई ऐसा सबूत नहीं मिला है, जिससे आरोपितों तक पहुंचा जा सके। जो कॉल डिटेल मिली है उसे भी कोई ऐसा नंबर नहीं सामने आया है जिसके तार आरोपितों से जुड़े हों। बताया जाता है कि छात्रा के मोबाइल में उसके भाई का सिम कार्ड पड़ा था। उस नंबर पर भाई के दोस्तों की काल भी आती थीं। छात्रा ने कहा बाइक, गांव वालों ने देखी वैन राईखेड़ा गांव के बाग में छात्रा दुष्कर्म के प्रयास व आग लगाने की बात कह रही है। बताया कि तीनों युवक उसे दो बाइक से लेकर गए थे। जबकि ग्रामीणों का कहना है कि घटना मालूम चलने के 20 मिनट पहले एक वैन बाग में आकर रुकी थी। जोकि आवास विकास कालोनी की ओर से आई थी। यही वह रास्ता है, जोकि कालेज की ओर जाता है। ग्रामीण आशंका जता रहे है कि छात्रा को आरोपित वैन से ही लेकर आए थे। हालांकि इस पहलू पर अभी तक पुलिस ने काम नहीं किया है। सहेली के बयान इसलिए महत्वपूर्ण छात्रा का कहना है कि सहेली ने अपने देवर मनीष से मुलाकात कराई थी। यानी, मनीष व छात्रा के बारे में सहेली जानती है। आरोप यह भी है कि सहेली के कहने पर ही वह कालेज से बाहर गई थी। ऐसे में पुलिस पूछताछ कर रही कि जब छात्रा से मिलने की बात तय हुई, तो सहेली क्यों नहीं आई। पीड़ित के इस बयान में कोई विरोधाभास भी नहीं दिखता। क्योंकि यदि उसकी भूमिका न होती वह सीधे तौर पर तीनों युवकों का नाम लेती। सहेली के बुलाने का हवाला देने की जरूरत नहीं होती। परिवार के सदस्यों को भी पूरी जानकारी नहीं अस्पताल में भर्ती छात्रा की हालत गंभीर बनी हुई है। उसने टुकड़ों में बयान दिए हैं। घटना के बाद वह बोल रही थी, मगर किसी का नाम नहीं लिया। रात में मजिस्ट्रेट बयान लेने पहुंचे, तब भी वह कुछ नहीं बोली। हालांकि उस वक्त कहा जा रहा था कि हालत नाजुक होने के कारण बोल नहीं सकी। खौफ में भी थी। मंगलवार को पहली बार सहेली, उसके देवर मनीष व दो अन्य के बारे में बताया। पुलिस अब उसके बयान और साक्ष्यों का मिलान करने में लगी हुई है ताकि किसी नतीजे पर पहुंचा जा सके। घटना के पीछे किसी और अन्य के होने की आशंका भी प लिस का मानना है कि छात्रा ने जो नाम लिए, वे लोग संलिप्त हो सकते हैं। मगर, संभव है कि इस मामले में कोई अन्य शख्स भी हो। छात्रा और उसकी सहेली के बयान इसमें अहम साबित होंगे। आशंका यह भी जताई जा रही है कि तबीयत खराब होने या अन्य वजह से किसी का नाम लेने से बचा जा रहा हो। प लिस की उलझन त नों युवकों के नाम लिए जाने के बाद पुलिस मान रही थी कि केस आसानी से सुलझ जाएगा, मगर साक्ष्य साथ नहीं दे रहे। बयानों के आधार पर सभी थाने में बैठा लिए गए हैं। पूछताछ चल रही। बयान और साक्ष्य का मिलान होने के बाद ही पुलिस कार्रवाई की स्थिति में आ सकेगी। पिता ने दिखाए तीनों आरोपितों के फोटो, मनीष को पहचाना प लिस ने पकड़े गए तीनों आरोपितों के फोटो छात्रा के पिता के मोबाइल फोन पर भेजे। शाम को उन्होंने फोन पर बताया कि तीनों फोटो में छात्रा ने मनीष को पहचाना है, बाकी दोनों युवकों के नाम नहीं पता। तीनों युवक घटना के वक्त वहां मौजूद थे। दहशत में छात्रा छात्रा के बयानों पर पूरा घटनाक्रम टिका है, इसलिए पुलिस व परिवार के सदस्य पूछताछ कर रहे हैं। वह इतनी ज्यादा दहशत में है कि ज्यादा सवाल पूछने पर असहज हो जाती है। इस वजह से स्वजन आगे कुछ भी पूछने से बच रहे है। 48 घंटे बीतने के बाद भी पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पा रही है। म डिकल रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई लखनऊ में हर चौबीस घंटे में छात्रा की मेडिकल रिपोर्ट बनाई जा रही है। जो बुधवार देर रात तक शाहजहांपुर पुलिस को भी मिल जाएगी। रिपोर्ट में 50 फीसद से अधिक जले होने की पुष्टि होने पर पुलिस छात्रा के पूर्व में दिए हुए बयानों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई कर सकती है। [25/02, 22:08] Sanjay Dixit RASHTRA NAMAN Barabanki: रिपोर्ट संजय दीक्षित
*जनपद शाहजहांपुर में छात्रा बोली, बाग में हुआ था सामूहिक दुष्कर्म का प्रयास*
जनपद शाहजहांपुर से जितेंद्र कुमार कश्यप की रिपोर्ट
निर्वस्त्र छात्रा को आग लगाने के मामले में जांच कर रही पुलिस बयान और साक्ष्यों में उलझ गई। झुलसी छात्रा कह रही कि सहेली के कहने पर वह कालेज से बाहर गई वहां तीन लड़कों ने बाग में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म का प्रयास किया। असफल होने पर आग लगा दी।
शाहजहांपुर निर्वस्त्र छात्रा को आग लगाने के मामले में जांच कर रही पुलिस बयान और साक्ष्यों में उलझ गई। झुलसी छात्रा कह रही कि सहेली के कहने पर वह कालेज से बाहर गई, वहां तीन लड़कों ने बाग में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म का प्रयास किया। असफल होने पर आग लगा दी। पुलिस ने तीनों आरोपितों की काल डिटेल और लोकेशन निकलवाई तो इससे मिलान नहीं हुआ। तीनों को क्लीनचिट नहीं मिली है, मगर इस प्रकरण का मुख्य बिंदु सहेली की भूमिका मानी जा रही है। पुलिस का मानना है कि छात्रा की सहेली के सीने में कई राज हैं। वे बाहर आएंगे तभी सच्चाई सामने आ सकेगी। छात्रा के साथ बड़ी घटना हुई। तीनों आरोपितों ने दुस्साहस किया है।
कालेज गई छात्रा दोपहर करीब 12 बजे बाहर निकल आई थी। शाम को रिग रोड किनारे राहगीरों ने उसे निर्वस्त्र जली हालत में देखा तो पुलिस बुलाई। छात्रा का लखनऊ में इलाज चल रहा है। बुधवार को उसने टुकड़ों में बयान दिए। बताया कि सहेली, उसके देवर, उसके बुआ के बेटे समेत तीन लोगों ने वारदात को अंजाम दिया।
खुद नहीं आई सहेली
छात्रा का कहना है कि सहेली ने उससे कहा था कि कालेज से करीब एक किमी दूर आना है, वहीं उससे मुलाकात होगी। दोपहर 12 बजे से कालेज से पैदल ही वहां तक पहुंच गई। सहेली नहीं मिली, मगर उसका देवर, उसकी बुआ का बेटा और एक अन्य युवक दो बाइकों से मिले। तीनों ने जबरन बाइक पर बैठा लिया। मुंह में कपड़ा ठूंस दिया ताकि शोर न कर सके। इसके बाद बाग में ले जाकर दुष्कर्म करने का प्रयास किया। विरोध करने पर केरोसिन डालकर आग लगा दी। उसकी सहेली की भूमिका पहले ही दिन से संदिग्ध लग रही थी, इसलिए दो दिन तक पुलिस उससे घर में ही पूछताछ करती रही। बुधवार को उसे महिला थाने ले आया गया।
प लिस को नहीं मिल रही लोकेशन
छात्रा के बयान के आधार पर पुलिस ने सहेली के देवर मनीष समेत तीनों युवकों को पकड़ लिया। इनसे जुड़े साक्ष्य जुटाए जाने लगे। पुलिस का कहना है कि सोमवार को आरोपितों की लोकेशन कालेज या घटनास्थल के आसपास नहीं मिल रही है। एक आरोपित के जिले से बाहर होने की बात सामने आ रही है। हालांकि पुलिस इस आधार पर तीनों को क्लीनचिट नहीं देगी। अंदेशा यह भी जताया जा रहा है कि तीनों बेहद शातिर हो सकते हैं। मोबाइल फोन लोकेशन से साक्ष्य मिल सकते हैं, इसलिए हो सकता है कि जानबूझकर मोबाइल फोन उस दिन साथ न रखा हो। सभी के मोबाइल की सीडीआर से लेकर अन्य पहुलओं पर भी जांच पड़ताल कर रही है।
छात्रा के मोबाइल फोन से भी नहीं मिला ठोस सुबूत
प लिस को छात्रा के मोबाइल से भी कोई ऐसा सबूत नहीं मिला है, जिससे आरोपितों तक पहुंचा जा सके। जो कॉल डिटेल मिली है उसे भी कोई ऐसा नंबर नहीं सामने आया है जिसके तार आरोपितों से जुड़े हों। बताया जाता है कि छात्रा के मोबाइल में उसके भाई का सिम कार्ड पड़ा था। उस नंबर पर भाई के दोस्तों की काल भी आती थीं।
छात्रा ने कहा बाइक, गांव वालों ने देखी वैन
राईखेड़ा गांव के बाग में छात्रा दुष्कर्म के प्रयास व आग लगाने की बात कह रही है। बताया कि तीनों युवक उसे दो बाइक से लेकर गए थे। जबकि ग्रामीणों का कहना है कि घटना मालूम चलने के 20 मिनट पहले एक वैन बाग में आकर रुकी थी। जोकि आवास विकास कालोनी की ओर से आई थी। यही वह रास्ता है, जोकि कालेज की ओर जाता है। ग्रामीण आशंका जता रहे है कि छात्रा को आरोपित वैन से ही लेकर आए थे। हालांकि इस पहलू पर अभी तक पुलिस ने काम नहीं किया है।
सहेली के बयान इसलिए महत्वपूर्ण
छात्रा का कहना है कि सहेली ने अपने देवर मनीष से मुलाकात कराई थी। यानी, मनीष व छात्रा के बारे में सहेली जानती है। आरोप यह भी है कि सहेली के कहने पर ही वह कालेज से बाहर गई थी। ऐसे में पुलिस पूछताछ कर रही कि जब छात्रा से मिलने की बात तय हुई, तो सहेली क्यों नहीं आई। पीड़ित के इस बयान में कोई विरोधाभास भी नहीं दिखता। क्योंकि यदि उसकी भूमिका न होती वह सीधे तौर पर तीनों युवकों का नाम लेती। सहेली के बुलाने का हवाला देने की जरूरत नहीं होती।
परिवार के सदस्यों को भी पूरी जानकारी नहीं
अस्पताल में भर्ती छात्रा की हालत गंभीर बनी हुई है। उसने टुकड़ों में बयान दिए हैं। घटना के बाद वह बोल रही थी, मगर किसी का नाम नहीं लिया। रात में मजिस्ट्रेट बयान लेने पहुंचे, तब भी वह कुछ नहीं बोली। हालांकि उस वक्त कहा जा रहा था कि हालत नाजुक होने के कारण बोल नहीं सकी। खौफ में भी थी। मंगलवार को पहली बार सहेली, उसके देवर मनीष व दो अन्य के बारे में बताया। पुलिस अब उसके बयान और साक्ष्यों का मिलान करने में लगी हुई है ताकि किसी नतीजे पर पहुंचा जा सके।
घटना के पीछे किसी और अन्य के होने की आशंका भी
प लिस का मानना है कि छात्रा ने जो नाम लिए, वे लोग संलिप्त हो सकते हैं। मगर, संभव है कि इस मामले में कोई अन्य शख्स भी हो। छात्रा और उसकी सहेली के बयान इसमें अहम साबित होंगे। आशंका यह भी जताई जा रही है कि तबीयत खराब होने या अन्य वजह से किसी का नाम लेने से बचा जा रहा हो।
प लिस की उलझन
त नों युवकों के नाम लिए जाने के बाद पुलिस मान रही थी कि केस आसानी से सुलझ जाएगा, मगर साक्ष्य साथ नहीं दे रहे। बयानों के आधार पर सभी थाने में बैठा लिए गए हैं। पूछताछ चल रही। बयान और साक्ष्य का मिलान होने के बाद ही पुलिस कार्रवाई की स्थिति में आ सकेगी।
पिता ने दिखाए तीनों आरोपितों के फोटो, मनीष को पहचाना
प लिस ने पकड़े गए तीनों आरोपितों के फोटो छात्रा के पिता के मोबाइल फोन पर भेजे। शाम को उन्होंने फोन पर बताया कि तीनों फोटो में छात्रा ने मनीष को पहचाना है, बाकी दोनों युवकों के नाम नहीं पता। तीनों युवक घटना के वक्त वहां मौजूद थे।
दहशत में छात्रा
छात्रा के बयानों पर पूरा घटनाक्रम टिका है, इसलिए पुलिस व परिवार के सदस्य पूछताछ कर रहे हैं। वह इतनी ज्यादा दहशत में है कि ज्यादा सवाल पूछने पर असहज हो जाती है। इस वजह से स्वजन आगे कुछ भी पूछने से बच रहे है। 48 घंटे बीतने के बाद भी पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पा रही है।
म डिकल रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
लखनऊ में हर चौबीस घंटे में छात्रा की मेडिकल रिपोर्ट बनाई जा रही है। जो बुधवार देर रात तक शाहजहांपुर पुलिस को भी मिल जाएगी। रिपोर्ट में 50 फीसद से अधिक जले होने की पुष्टि होने पर पुलिस छात्रा के पूर्व में दिए हुए बयानों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई कर सकती है।