कवियो का महासम्मेलन हुआ खत्म - डॉ सत्य प्रकाश चन्दौली | होलिकोत्सव साहित्य सम्मान कार्यक्रम 101 कवियों का महासम्मेलन 14 से 28 मार्च तक अनवरत जीवन को रचने वाली कविताओं के मंचन तथा उस पर आभार प्रक्रिया के साथ समालोचना सहित होलिका दहन के दिन संपन्न हुआ।
कवियो का महासम्मेलन हुआ खत्म - डॉ सत्य प्रकाश
चन्दौली | होलिकोत्सव साहित्य सम्मान कार्यक्रम 101 कवियों का महासम्मेलन 14 से 28 मार्च तक अनवरत जीवन को रचने वाली कविताओं के मंचन तथा उस पर आभार प्रक्रिया के साथ समालोचना सहित होलिका दहन के दिन संपन्न हुआ।
शिक्षा के इस अभिनव प्रयास में काव्य परंपरा के लोग राष्ट्र शिक्षक के रूप में अवतरित हुए और फेसबुक के माध्यम से समाज को नया चिंतन और नवनीत करने के लिए अपने विचारों से धनी किए। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रुप में पूर्व सांसद प्रोफेसर ओमपाल सिंह निडर श्रेष्ठ कवि और विचारक के रूप में सभी कवियों को और डॉक्टर सत्य प्रकाश जी के अभिनव प्रयास को खूब सराहा। उनके साथ आगरा के गीतकार और निदेशक डॉक्टर अंगद धारिया जी सभी काव्य प्रेमियों को इस तरह के अभियान में निरंतर भागीदारी करने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में विभिन्न दिनों आभार की प्रक्रिया में डॉक्टर ओम प्रकाश मिश्र "व्यथित" जी ने अपने विचारों से समाज को उपकृत किया तथा रचनाकारों का धर्म ज्ञान कराते हुए उत्साहवर्धन किया। रेखा बोरा जी एक रिसर्च ऑफिसर और श्रेष्ठ कवियत्री के रूप में अपनी रचनाओं के साथ साथ अन्य लोगों की कविताओं का विवरण देते हुए आभार के साथ निवेदन किया। डॉ अरुणा पाठक जी ने शिक्षा के इस अभियान को और आगे ले जाने की कड़ी में अपने विचार रखे तथा सुभाषिनी गुप्ता जी और मोहन लाल सिंह जी ने किस तरह से अपनी शुरुआत ऑनलाइन के माध्यम से मिट के माध्यम से की इसकी सुंदर व्याख्या की। होलिकोत्सव का यह कार्यक्रम एक नया संदेश लेकर आया जिसमें अन्य कवियों में विजय प्रसाद शुक्ला, राजेश तिवारी, सुरेंद्र सागर, सबीना खत्री, अष्टभुजा मिश्रा, सुषमा श्रीवास्तव, अरुण नागर, आर डी शर्मा शेष, अपर्णा दुबे, रागिनी सिंह, राम कथा नागर, कौशल, विकास मिश्रा, गोविंद शांडिल्य, अर्चना गोयल, ममता खरे, राम सिया अनपढ़, संगीता चौहान सदफ, अजीत सिंह, टी के परिहार, राही, कुंजल साकेत, आनंद मिश्रा, विकट जी, हरगोविंद ठाकुर, जमाल अख्तर, सुभाषिनी गुप्ता, प्रभाकर सिंह घायल, सुचिता अजय श्रीवास्तव, सुभाष राहत बरेलवी, परवेज शाबिर, डॉक्टर शिवदत्त शर्मा, रानी शर्मा, गौरव दूबे, प्रिया पांडे, राम लाल वर्मा, शिखा गर्ग इत्यादि ने शिक्षा के इस अभिनव प्रयास को अपना बल दिया तथा आगे भी इस कार्यक्रम में भाग लेने की अभिलाषा व्यक्त की। डॉक्टर सत्य प्रकाश के 101 कवियों का आह्वान 121 कवियों के काव्य पाठ के साथ संपूर्ण हुआ, अब तक के सबसे बड़ी ऑनलाइन कार्यशाला के रूप में ज्ञापित हुआ। इस तरह के प्रयासों के माध्यम से जो काव्य गंगा कवि के मन में स्थिर थी एक बाढ़ के रूप में समाज को झकझोर ने के लिए प्रवाहित हुई बस प्रलय होने से बच गई। डॉ सत्यप्रकाश ने बताया कि भगवान भोलेनाथ के आशीर्वाद से इस प्रवाह को मंथर गति से समाज में प्रवाहित किया गया, जिससे इसका अविरल प्रवाह समाज में चरित्र निर्माण के लिए अंकित होता हैं। राष्ट्र नमन समाचार पत्र से ब्युरो चीफ अमित यादव की रिपोर्ट