*जनपद शाहजहांपुर में इस गांव में 25 साल से महिलाओं की है सरकार, जानिए क्या है वजह*
यूपी के शाहजहांपुर में एक ऐसा गांव जहां 25 साल से महिलाओं के हाथ गांव के विकास की कमान है। उनके काम में कोई पुरुष हस्तक्षेप भी नहीं करता। गांव की सभी गलियां पक्की हैं। हर घर में शौचालय है।
यूपी के शाहजहांपुर में एक ऐसा गांव, जहां 25 साल से महिलाओं के हाथ गांव के विकास की कमान है। उनके काम में कोई पुरुष हस्तक्षेप भी नहीं करता। गांव की सभी गलियां पक्की हैं। हर घर में शौचालय है। स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, पंचायतघर, हाट बाजार समेत में गांव में इंटर कॉलेज भी है। हम बात कर रहे हैं नारी सशक्तीकरण के प्रतीक ददरौल विधानसभा के गांव बलेली की।
1995 में त्रिस्तरीय पंचायतीराज व्यवस्था लागू होने के बाद यहां बताशो देवी प्रधान बनी। वर्ष 2000 में क्षमा वर्मा ने रिकार्ड मतों से जीत दर्ज की। एतिहासिक विकास की वजह से 2005 में क्षमा वर्मा को निर्विरोध प्रधान चुन लिया गया।
2010 में क्षमा वर्मा ने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा और अपनी सास विलासो देवी को प्रधान पद के लिए उतार दिया। सास बहू जनपद में सर्वाधिक मतों से चुनाव जीता। 2015 में बिलासोदेवी निर्विराेध प्रधान चुनी गई, जबकि क्षमा वर्मा ने निर्विरोध बीडीसी व ददरौल ब्लाक प्रमुख बन नारी शक्ति का मान बढ़ाया।
इस तरह बदल दी गांव से लेकर ब्लाक की तस्वीर
सास बहू की जोड़ी ने गांव से लेकर ब्लाक मुख्यालय को सोच से नया कलेवर दिया। बलेली को विकास से आदर्श ग्राम पंचायत बनाने के साथ ही ददरौल ब्लाक कार्यालय में प्रवेश द्वार, बेंचों की स्थापना, बीडीओ कक्ष का निर्माण कराया। पेयजल को वाटर कूलर सामुदायिक शौचालय, सुंदरीकरण, इंटरलाकिंग, बाउंड्रीवाल, तथा कम्प्यूटर कक्ष का निर्माण कराकर लोगों को अनुकरण को मजबूर कर दिया।