प्रशासन की हठधर्मिता के चलते इस बार नहीं निकला बड़ागाँव में होली का जुलूस
0 भाजपा सरकार में बंद हुई 100 वर्षों से चली आ रही परम्परा
सोहावल अयोध्या
रौनाही थाना की पुलिस चौकी सत्तीचौरा के अंतर्गत बड़ागाँव कस्बे में 2 बजे के बाद निकलने वाला होली का जुलूस इस बार पुलिस प्रशासन ने रुकवा दिया। ज्ञातव्य हो बड़ागाँव के ग्रामीण व व्यापारी सुबह 8 से 12 तक होली के दिन रंग खेलते हैं तथा अपराह्न 2 बजे के बाद गाजे बाजे के साथ जुलूस निकालकर घर घर होली मिलन करते हैं। यह परम्परा सैकङो वर्षों से चली आ रही है। लेकिन इस बार शुक्रवार की शाम 6 बजे चौकी इंचार्ज सत्तीचौरा डीएन राय ने पंचायत घर बड़ागाँव के परिसर में अचानक पीस कमेटी की बैठक आयोजित की जिसमें दोनों पक्षों के लोग बैठक में शामिल हुये। जिस पर चौकी इंचार्ज ने शब-ए-बारात व कोरोना का हवाला देते हुये बड़ागाँव दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष विश्राम यादव व अर्जुन तिवारी को निर्देश दिया कि आप लोग होली का जुलूस निकालने के लिये एसडीएम से परमीशन ले लें। बिना परमीशन के जुलूस कतई निकालने नहीं दिया।जायेगा। जिस पर दुर्गा पूजा के पदाधिकारियों ने तर्क दिया कि होली का जुलूस निकालने के लिये अब तक कभी भी परमीशन नहीं ली गयी है। तो अब नई परम्परा क्यों कायम की जा रही है। लेकिन चौकी इंचार्ज नहीं माने। दूसरे दिन शनिवार को दुर्गा पूजा समिति के पदाधिकारी रजनेश यादव जुलूस का परमीशन लेने के लिये लिखित प्रार्थनापत्र लेकर एसडीएम सोहावल स्वप्निल यादव के पास जब पहुँचे तो उन्होंने जुलूस की अनुमति देने से स्पष्ट रूप से मना करते हुऐ कहा कि ऊपर से आदेश है कि किसी भी जुलूस संबंधी कोई परमीशन न दी जाये। इस बात से क्षुब्ध होकर बड़ागाँव वासियों ने न तो जुलूस निकाला न ही होली खेली। गाँव के दर्जनों लोगों ने बताया कि बिना किसी शिकायत के पुलिस प्रशासन ने होली का जुलूस नहीं निकलने दिया। जो कि कतई जायज़ नहीं ठहराया जा सकता जबकि जुलूस का परमीशन लेने संबंधी प्रार्थना पत्र पर अल्पसंख्यक समुदाय के कई व्यक्तियों ने भी हस्ताक्षर किया था। पुलिस प्रशासन के इस रवैये से बड़ागाँव सहित क्षेत्र के दर्जनों गाँव के निवासी खासे नाराज हैं।।लोगों का कहना है कि भाजपा सरकार में अफसरशाही हावी है।।त्यौहार मनाने से जबरन रोकना इसी का प्रमाण है।