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घटना के बाद जागा वन विभाग यातायात पांच बैरियर किए गए तैयार*
*जंगल के बीच से गुजरने वाले मार्गो पर वन्य जीव की सुरक्षा के लिए लगाए जाएंगे बैरियर*
हारून खान की रिपोर्ट
पीलीभीत। वन्य जीवन से भरपूर जनपद पीलीभीत के कई मार्ग ऐसे हैं जो पीलीभीत टाइगर रिजर्व के बीच से गुजरते हैं जिसमें आए दिन कोई न कोई जीव जंतु तेज रफ्तार का शिकार हो जाता है। पिछले दिनों एक बाघिन की माधोटांडा पीलीभीत मार्ग पर दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके अलावा कछुए पक्षी सियार सिवेट कैट जैसे कई जीव जंतु मार्ग किनारे मरे पड़े मिलते हैं।
देर से ही सही लेकिन पीटीआर के अधिकारियों ने जंगल से बीच में से गुजरने वाले वाहनों की स्पीड कम करने के लिए अब सूर्यास्त से सूर्यउदय तक जंगल के दोनों छोर पर निगरानी टीम तैनात कर दी है जो जंगल से गुजरने वाले वाहनों के नंबर व एड्रेस नोट कर करते हैं।
आपको बताते चलें की पीलीभीत माधोटांडा मार्ग, पीलीभीत पूरनपुर मार्ग, शेरपुर धमाराघाट मार्ग, माधोटांडा खटीमा मार्ग पीलीभीत टाइगर रिजर्व के कई हिस्सों से जुड़ा हुआ है। जिस पर वन्यजीव रात में या दिन में घूमते नजर आते हैं। इसी के साथ वन्य जीव की परवाह न करते हुए कई बड़े वाहन एवं छोटे वाहन चालक इन मार्गो पर मानक से अधिक गति में अपने बहन दौडते नजर आते हैं। जिसके लिए पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर श्री नवीन खंडेलवाल ने पांच बैरियर तैयार कर आए हैं।
जो वाहनों की गति पर नियंत्रण करने में कारगर साबित होंगे श्री खंडेलवाल ने बताया कि अगला बजट मिलते ही हम जंगल के अंदर से गुजरने वाले मार्गों पर ज्यादा से ज्यादा बैरियर लगाएंगे जिससे वन्य जीव की जिंदगी वाहन दुर्घटना में ना जा सके