शौचालय निर्माण घोटाला में नपे प्रधान और सेक्रेटरी
वाराणसी।
आराजी लाइन ब्लाक अंतर्गत ग्राम पंचायत देउरा भूतपूर्व प्रधान शंभूनाथ पटेल व ग्राम विकास अधिकारी विनोद यादव द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण में बड़े पैमाने पर घोटाला किया गया था। भ्रष्टाचार के इस मामले में अब मानव आधिकार आयोग ने प्रधान और सेक्रेटरी से रिकवरी कराने का आदेश दिया है। सरकार जहाँ स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण कराकर खुले में शौच से मुक्ति दिलाने के लिए महाअभियान चला रही है वही कुछ भ्रष्ट अधिकारी और जनप्रतिनिधि पूरी योजना को लाल पीला करने में लगे हुए है।पूरा मामला ग्राम देउरा विकास खण्ड आराजीलाइन जनपद वाराणसी का है। जहाँ ग्राम सचिव विनोद कुमार यादव ने पूर्व प्रधान शम्भू नाथ पटेल से मिलकर गांव में जमकर सरकारी धन को लूटा। जिसके चलते 85 शौचालय का निर्माण कागजो पर तो हो गया लेकिन वास्तविक धरातल पर एक भी शौचालय का निर्माण नही हो पाया। जिसके चलते ग्रामीण खुले में शौच करने को मजबूर है। ग्रामीणो ने भ्रष्ट ग्राम प्रधान एवं ग्राम सचिव की शिकायत योगेन्द्र कुमार सिंह योगी चेयरमैन मानवाधिकार सी डब्लू ए से की थी। चेयरमैन ने पूरे प्रकरण को राष्ट्रीय मानव अधिकार में भेजकर निष्पक्ष जांच कराकर दोषियो के ऊपर कठोरतम कार्यवाई की मांग की थी। आयोग ने मामले को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए जांच राज्य मानव अधिकार आयोग को जांच की जिम्मेदारी शौप दिया। राज्य मानव अधिकार आयोग ने मामले में तत्तपरता दिखाते हुए अपने आदेश दिनांक 17/08/2020 के आदेश में वाराणसी जिलाधिकारी से छः सप्ताह में आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। उक्त के अनुपालन में जिलाधिकारी (प्रो) प्रभारी अधिकारी ने अपने पत्र दिनांक 31/05/2021 के माध्य्म से अवगत कराया कि प्रकरण की जांच मुख्य विकास अधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक अपराध एवं उप जिलाधिकारी राजातालाब से कराई गई। आख्यानुसार ग्राम देउरा विकास खंड आराजीलाइन में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की जाँच ग्राम प्रधान, सचिव और ग्रामीणो के उपस्थिति में कराई गई जिसमे यम0 आई0 एस0 सूची के अनुसार 85 शौचालय निर्मित नही पाए गए। जिसकी धन राशि 10. 20 लाख का प्रथम दृष्टया गबन किये जाने का प्रकरण पाया गया तथा निर्मित शौचालय मानक के अनुरूप नही पाया गया। दुसरे गड्ढे चैंबर और प्लास्टर की धन राशि का तकनीकी मूल्यांकन कराकर तकनीकी मूल्यांकन में आंकलित धनराशि की वसूली दोषी ग्राम प्रधान शम्भू नाथ पटेल तथा पंचायत सचिव विनोद कुमार यादव से किया जाना अपेक्षित है। आयोग ने अपने आदेश दिनांक-12/07/2021 में जिलाधिकारी वाराणसी को स्पष्ट निर्देश दिया है कि प्रकरण में दोषी पाये गए ग्राम प्रधान शम्भू नाथ पटेल और ग्राम पंचायत सचिव विनोद कुमार यादव के विरुद्ध यथोचित कार्यवाई करते हुए अपनी टिप्पणी के साथ आख्या आयोग के समक्ष छः सप्ताह में प्रस्तुत करे।