पंचायत सहायक-एकॉउंटेंट कम डाटा एंट्री आपरेटर भर्ती सरकार का पढ़े-लिखे युवाओं के मुंह पर तमाचा है : हारुन खान
पंचायत सहायक-एकॉउंटेंट कम डाटा एंट्री आपरेटर भर्ती सरकार का पढ़े-लिखे युवाओं के मुंह पर तमाचा है : हारुन खान
शिक्षा का स्तर कितना गिराएगी योगी सरकार, मनरेगा मजदूरों से भी गया गुजरा है भारत का पढ़ा-लिखा युवा
कलीनगर। शायद आपने ऐसा कभी अपने जीवन में सुना होगा की पूरी जिंदगी पढ़ाई करके अपना भविष्य बनाने वाला एक बच्चा बड़े होकर उस दौर में जहां एक सिलेंडर की कीमत लगभग ₹1000 हो, जहां तेल की कीमत लगभग ₹200 से ₹300 तक प्रति लीटर हो जहां बिजली का बिल दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा हो और कहीं जाने आने के लिए यदि युवा पेट्रोल खरीदें तो वह लगभग 100 के ऊपर पहुंच गया हो, ऐसे देश भारत में योगी सरकार नौकरियां या तो निकाल नहीं रही है यदि नौकरियां निकाल भी रही है तो दिखावा मात्र और लेकिन यदि आप उस नौकरी का वेतन पूछेंगे तो शायद या तो सरकार मूर्ख नजर आएगी या सरकार की नजर में पढ़ाई लिखाई करने वाले युवा मूर्ख नजर आएंगे। जहा वेतन की तो बात छोड़ो केवल मानदेय वह भी कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी के लिए ₹6000 दिया जाएगा तो भला कौन सी नौकरी और कौन करने के लिए राजी होगा लेकिन हमारे देश का युवा इतना बेरोजगार हो गया है कि उस पर भी वह राजी है और हर तरीके के जुल्म को सहने के लिए राजी है लेकिन आवाज के मुंह से आज भी नहीं निकल रही है आज इस तरीके की नौकरी जिनमें कभी पूर्व की सरकार में कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी के लिए अनुदेशकों को भी 7 से 10000 प्रतिमाह दिया जाता था लेकिन योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश को और महान बना दिया है जहां मनरेगा मजदूरों की दिहाड़ी तो ₹201 प्रति दिन दी जाती है लेकिन एक कंप्यूटर ऑपरेटर की तुलना यदि उससे की जाए तो उसको मात्र मानदय वह भी नौकरी का नाम देकर के ₹6000 दिया जाएगा यदि इससे भी गया गुजरा वक्त देखना है तो सरकार का साथ देते रहें ईश्वर ने चाहा थोड़े दिन के बाद सरकार पढ़े लिखे लोगों को इससे भी अच्छे दिन दिखाएगी जिसकी कल्पना करना शायद ही किसी के बस की बात होगी। कोई भी नौकरी भली-भांति पूर्ण नहीं की गई किसी भी वादे को पूरा करने के लिए इस सरकार ने कहीं ना कहीं मत भेद जरूर रखा है यदि अपने दिमाग से भी सोचा जाए कि इस समय एक पढ़ा-लिखा युवा यदि कंप्यूटर कोर्स करेगा तो उसकी सैलरी कितनी होनी चाहिए और क्या ₹6000 मानदेय पर वह अपना जीवन यापन कर पाएगा इसका सवाल आज का युवा खुद दे पाएगा और इसका जवाब सरकार दे सकती है। सरकार खुद तो दिन प्रतिदिन बेबस लाचार होती चली जा रही है हर तरीके का टैक्स लेने के बाद भी दिन प्रतिदिन चीजों और उन के दामों में बढ़ोतरी करती चली जा रही है गरीब जनता मरने की कगार पर है। करें तो करें क्या। यदि अभी भी सरकार ने शिक्षा के स्तर को बढ़ावा नहीं दिया और युवाओं के लिए बेहतर नौकरी के अवसर प्रदान नहीं किए तो शायद आने वाले समय में मनरेगा दिहाड़ी करने वाले ही कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी करेंगे और वैभव कंप्यूटर नहीं झाड़ू पोछा करेंगे किसी के लिए शायद इंतजार कर रही है आज की युवा पीढ़ी जिस सरकार को पढ़े लिखे युवा और उनकी पढ़ाई की कीमत नहीं पता उसको शायद कुर्सी संभालने का भी कोई हक नहीं है आज छात्रों को जागकर, आज के युवाओं को जागकर अपनी आवाज को बुलंद करना चाहिए और अपने हक के लिए लड़ना चाहिए जिससे कि हमारे आने वाले कल को भी इससे बुरी स्थिति ना देखना पड़े यदि हम पढ़े पढ़े घरों में मदारी की तरह तमाशा दिखाने वाले लोगों का डांस देखते रहेंगे और उनके द्वारा दिखाए गए तमाशे को मजे से बर्दाश्त करेंगे कुछ दिनों के बाद हम इस तमाशा और मजा दोनों के योग्य नहीं रहेंगे।