फरीदा बेग़म की पुस्तक खिलती कलियां का हुआ समारोह पूर्वक विमोचन
संभलः बच्चों के लिए फरीदा बेग़म द्वारा लिखी गई पुस्तक का शौहरा इकराम ने समारोह पूर्वक विमोचन किया। वक्ताओं ने पुस्तक पर रौषनी डालते हुए जमकर प्रषंसा की।
नगर के मोहल्ला चमन सराय स्थित डॉ मुनव्वर ताबिश के आवास पर फरीदा बेगम द्वारा लिखी गई नज़मों पर मुषतमिल, खिलती कलियां, पुस्तक का विमोचन अल्लामा इकबाल फाउंडेशन संस्था के तत्वाधान में हुआ। जिसकी अध्यक्षता वकार रूमानी ने की और संचालन शफीकुर्रहमान बरकाती ने किया। कार्यक्रम का आरंभ डॉक्टर नफीस बिलारवी ने तिलावते क़ुरआने करीम से किया। जबकि मुजम्मिल खान मुजम्मिल ने बारगाह-ए-रिसालत में नात शरीफ का नजराना पेश किया। डॉ आबिद हुसैन हैदरी ने प्रोग्राम पर रोशनी डालते हुए कहा कि बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं इनकी तरफ से गाफिल नहीं होना चाहिए। आज बच्चों के लिए लिखने वाले बहुत कम हैं और फरीदा बेगम संभल की वह पहली खातून हैं जिन्होंने बच्चों के लिए को खुसूसी तवज्जो दी और उनका शेरी मजमूआ मंज़रे आम पर आया इसके लिए उन्हे बहुत-बहुत मुबारकबाद। डॉक्टर नसीमुज्ज़फर ने कहा कि चिराग से चिराग जलते चले आए हैं लेकिन यह ऐसा चिराग रोशन हुआ है जो औरों से अलग है यह चिराग बच्चों के लिए रोशन हुआ है खुदा सलामत रखे। डॉ0 किष्वर जहां ज़ेदी ने कहा कि मौजूदा जमाने के बच्चों के अदब के लिए शायर संजीदा नहीं है, जो एक फिक्र का पहलू है। फरीदा बेगम को बच्चों के लिए पुस्तक लिखने पर मुबारकबाद पेश की। अमीर जहां तुर्की ने कहा कि मौजूदा दौर में अदब-ए-अतफान की रह गुजर ऐसी पथरीली रह गुज़र बन गई है जिस पर चलने के लिए हर कोई तैयार नहीं है। जबकि पिछले वक्त में हर शायर ने बच्चों के लिए कहा है आज फिर बच्चों के अदब तवज्जो देने की जरूरत है। इस मौके पर कार्यक्रम में राशिद हुसैन राशिद, मोहम्मद अली चिश्ती, कुद्दूस सहसपुरी, डॉ0 अब्दुल मारूफ, डॉ0 रियाज़ अनवर, मुफीद हैदर, अनषरा मुनव्वर, नौशाद अनगढ़, नौषाद गोविंदपुरी, सैयद हुसैन अफसर, शकील सम्भली मौजूद रहे। अंत में ताहिर सलामी ने सभी का आभार प्रकट किया।
जिला प्रभारी अवधेश कुमार की रिपोर्ट