किशोरी न्याय (बालकों की देखरेख व संरक्षण) अधिनियम 2015 के संबंध में प्रशिक्षण देने हेतु पुलिस लाइन स्थित आरटीसी सभागार में गोष्ठी/कार्यशाला का किया गया आयोजन
किशोरी न्याय (बालकों की देखरेख व संरक्षण) अधिनियम 2015 के संबंध में प्रशिक्षण देने हेतु पुलिस लाइन स्थित आरटीसी सभागार में गोष्ठी/कार्यशाला का किया गया आयोजन
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श्रीमान अपर पुलिस महानिदेशक महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन, उ0प्र0 लखनऊ के पत्र संख्या: म0
स0प्र0/डी0जी0/व-59/2021 दिनांकित 13.08.2021 के अनुक्रम में दिए गए आदेशों/निर्देशों के अनुपालन में आज दिनांक 27.05.2022 को रिजर्व पुलिस लाइन स्थित सभागार में किशोर न्याय (बालकों की देख-रेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 की जानकारी विषयक एक गोष्ठी/कार्यशाला आयोजित की गई। उक्त गोष्ठी/कार्यशाला में श्री अशोक कुमार विधि परीक्षा अधिकारी , श्री अरुण कुमार सिंह सहायक अभियोजन अधिकारी (अभियोजन विभाग), श्री जय प्रकाश शर्मा न्यायपीठ बाल कल्याण समिति सदस्य CWC बुलंदशहर, सदस्य, श्रीमती रूबी वन स्टॉप सेंटर मैनेजर एवं श्री केशव शर्मा जिला समन्वयक चाइल्ड लाइन-1098 , dr.बिरेन कुमार किशोर न्याय बोर्ड, निरीक्षक श्री प्रभात कुमार प्रभारी ए0एच0टी0यू0 एवं जनपद के प्रत्येक थाने से एक /उपनिरीक्षक, एक आरक्षी एवं एक महिला आरक्षी उपस्थित रहें। अधिकारीगण द्वारा गोष्ठी में उपस्थित सभी पुलिस कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए किशोर न्याय (बालकों की देखरेख व संरक्षण) अधिनियम-2015 एवं किशोर न्याय (बालकों की देखरेख व संरक्षण) आदर्श नियम-2016 के बारे में व्यापक रूप से जानकारी दी गयी एवं बच्चों के प्रकरण में पालन की जाने वाली प्रक्रिया, पुलिस रेस्पॉन्स, व्यवहार आदि के संबंध में विस्तृत रूप से जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त बच्चों के संरक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। जैसे-बच्चों के संरक्षण से जुड़े अधिनियम के तहत किशोर अपराधियों को चिकित्सा सुविधा और कानूनी सहायता प्रदान करना जरुरी हैं। बच्चों के सरंक्षण के लिए काम कर रहे बाल कल्याण समिति, विभिन्न एनजीओ, पुलिस, चाईल्ड लाईन और बाल आयोग को अधिनियम का पालन करना होगा। अधिनियम में बाल अदालत को बच्चों के सर्वोच हित्तों के सिद्धांत का पालन करने की बात भी कही गई तथा पास्को एक्ट के भी सम्बन्ध में विस्तृत रूप से जानकारी दी गई