25 वर्ष पूर्व रोपित पौधा आज विशाल वट वृक्ष बन कर खड़ा है
भारत विकास परिषद का रजत जयंती समारोह संपन्न
डिबाई। भारत विकास परिषद की डिबाई शाखा के स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने पर भारत विकास परिषद द्वारा रजत जयंती समारोह का भव्य आयोजन भारतीय गार्डन डिबाई में किया गया। भारत विकास परिषद की स्थानीय शाखा की स्थापना वर्ष 1997 में ब्रजप्रान्त के अधीन हुई थी। तब से लेकर आज तक शाखा ने सेवा और संस्कार के विभिन्न आयामों से गुजरते हुये अपनी 25 वर्ष की लंबी यात्रा को पूर्ण किया है। वर्तमान में यह शाखा पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रांत का भाग है।
रजत जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रसार केशवदत्त गुप्ता ने अपने उद्वोधन में कहा कि 1997 में ब्रजप्रान्त के महासचिव का दायित्व निर्वहन करते हुए उनके द्वारा स्थापित भाविप डिबाई शाखा आज एक विशाल वटबृक्ष बनकर खड़ी है। अपने 25 वर्ष के स्वर्णिम कार्यकाल में डिबाई शाखा ने प्रांतीय स्तर के अनेक कार्यक्रमों की मेजबानी कर अपनी श्रेष्ठता और कर्मठता का परिचय दिया है, जिसके लिए भारत विकास परिषद डिबाई के सभी सदस्य बधाई के पात्र हैं। कार्यक्रम में पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रांत के महासचिव नरेंद्र शर्मा ने दीक्षा अधिकारी की भूमिका निभाते हुए शाखा में नव सम्मिलित 6 दम्पति युगल को शपथ ग्रहण कराने के उपरांत शाखा की नवगठित कार्यकारिणी को शपथ ग्रहण कराई और अपने दीक्षा उद्बोधन से उनका मार्गदर्शन करते हुए भारतीय संस्कृति के अनुरूप सेवा और संस्कार के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने का आवाहन किया। भारत विकास परिषद डिबाई की नवगठित कार्यकारिणी में शाखा के अध्यक्ष के रूप में गिरीश गुप्ता, सचिव के रूप में इं.सोमबीर सिंह लोधी, कोषाध्यक्ष के रूप में वी.के. राय, महिला संयोजिका के रूप में रेनू जैसवाल, उपाध्यक्ष के रूप में प्रवीन जिंदल व कैलाश प्रसाद पवार सेवा प्रमुख के रूप में सत्य कुमार सर्राफ, ऑडिटर के रूप में प्रधानाचार्य बी.पी. राजपूत, सह सचिव के रूप में डॉ अभिषेक महेश्वरी व विनीत पालीवाल ने पद और दायित्व निर्वहन की शपथ ग्रहण की। जिन छ: नये दंपत्ति युगल को भारत विकास परिषद की सदस्यता ग्रहण कराई गई वे डॉ सुबोध कुमार-पूनम रानी, डॉ एमपीएस भारतीय-उर्मिला राजपूत, ब्रजवीर सिंह प्रधान-नीता कुमारी, सुरेंद्र प्रताप सिंह-नीतू सिंह, विमल कुमार सिंह-नेहा सिंह, भुवनेश मथुरिया-ज्योति मथुरिया उल्लेखनीय हैं। ज्ञातव्य है कि भारत विकास परिषद संस्था की यह विशेषता है कि यहां प्रत्येक सदस्य हेतु दांपत्य सदस्यता का प्रावधान है। अति विशिष्ट अतिथि के रुप में उपस्थित अलीगढ़ महानगर की पूर्व महापौर सावित्री वार्ष्णेय ने महिलाओं को अपनी संस्कृति और सभ्यता के अनुरूप वस्त्र धारण करने की सलाह देते हुए कहा कि भारतीय मूल की महिलाएं अमेरिका में सभी आयोजनों में भारतीय परिधान धारण करना अपना गौरव समझती हैं। जबकि भारत में अपने परिधान को त्याग कर महिलाएं पश्चात संस्कृति से संबंधित परिधान पहनना अपनी शान समझती हैं। यह हमारे लिए विडंबना की बात है और भारतीय संस्कृति के क्षरण का द्योतक है। उन्होंने सभी महिलाओं से आग्रह किया कि वे अपनी संस्कृति के अनुरूप वेशभूषा धारण कर विश्व पटल पर भारतीय संस्कृति की श्रेष्ठता प्रमाणित करने में अपना सहयोग प्रदान करें।
समारोह का शुभारंभ भारत माता और स्वामी विवेकानंद के विशाल चित्र के सम्मुख मुख्य अतिथि, सभा अध्यक्ष, अति विशिष्ट अतिथि, दीक्षा अधिकारी और विशिष्ट अतिथि के द्वारा दीप प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि समर्पित कर, महिला सदस्यों के वंदे मातरम गायन के साथ हुआ। निवर्तमान सचिव अनिल कुमार सिंह ने अतिथियों के सम्मान में स्वागत स्वागत उद्बोधन रखा। भारत विकास परिषद के अध्यक्ष और सचिव द्वारा इस अवसर ज्ञान प्रकाश बजाज, आशीष वार्ष्णेय, के पी सिंह चौहान, साजिद कुरेशी, नीरज सुदामा सहित सहित उपस्थित सभी पत्रकारों का पटका पहनाकर अभिनंदन किया और उनके सहयोग हेतु आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का धाराप्रवाह और सफल संचालन भारत विकास परिषद पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रांतीय परिषद के सदस्य पी पी सिंह द्वारा किया गया, जिससे कि भीषण गर्मी के बावजूद भी सदस्यों, अतिथियों और गणमान्य लोगों की उपस्थिति से सभागार परिपूर्ण रहा। सभी पधारे हु
ए अतिथियों को रजत जयंती समारोह का प्रतीक चिन्ह भेंट किया गया। इसके अतिरिक्त शाखा के स्थापना वर्ष से अनवरत 25 वर्ष सेवाएं देने वाले सदस्य पी पी सिंह, दिलीप वार्ष्णेय, संजीव अग्रवाल, डॉक्टर नरेंद्र आर्य को मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया। साथ ही शाखा के लिए विशेष योगदान देने वाले सदस्य गिरीश कुमार गुप्ता, संजीव राठी और विकास वार्ष्णेय को भी स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।