कर्मयोगी डॉ सूरज प्रकाश असहायों के अंधेरे जीवनपथ के प्रकाश पुंज थे
.........पी.पी.सिंह
भारत विकास परिषद डिबाई (पश्चिमी उत्तर प्रदेश) शाखा द्वारा भारत विकास परिषद के संस्थापक स्वर्गीय डॉ सूरज प्रकाश के जयंती सप्ताह पर एक प्रार्थना सभा एवं भंडारे का आयोजन डिबाई-बुलंदशहर राजमार्ग पर स्थिति श्री सत्य साईं मंदिर के प्रांगण में किया। दीप आरती और प्रार्थना सभा के आयोजन के उपरांत विभिन्न वक्ताओं ने डॉक्टर सूरज प्रकाश के व्यक्तित्व, कृतित्व व जीवन पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर भारत विकास परिषद की प्रांतीय परिषद के वनवासी सहायता संयोजक पी.पी. सिंह ने कहा डॉ सूरज प्रकाश का व्यक्तित्व उनके नाम के अनुरूप ही उनके कार्य को इंगित करता है। डॉ सूरज प्रकाश एक ऐसे कर्मयोगी थे, जो असंख्य दीन-दुखियों और जरूरतमंदों के अंधेरे जीवन में प्रकाश पुंज बनकर उभरे। शाखा अध्यक्ष गिरीश गुप्ता एडवोकेट ने कहा कि डॉ सूरज प्रकाश जी आर्य समाज की पृष्ठभूमि से विभाजन के समय पाकिस्तान से भारत आए और उन्होंने उस विभाजन की त्रासदी को अपनी आंखों से देखा था। यही कारण है कि वे आर्य समाज की विचारधारा की पोषक और छद्मआडंबर व पाखंड से रहित सेवा कार्यों की सच्ची उपासना समझते थे। प्रधानाचार्य कैलाश पवार ने अपने संबोधन में कहा की डॉक्टर सूरज प्रकाश ने भारत विकास परिषद की स्थापना कर हम लोगों के लिए सेवा और संस्कार का मंच प्रदान किया है, जिसके द्वारा सेवा प्रकल्पों के माध्यम से जरूरतमंद लोगों की मदद करते रहते हैं। प्रवक्ता विजय कुमार राय ने डॉ सूरज प्रकाश को अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन संपूर्ण मानवता के लिए एक उदाहरण और अनुकरणीय है।
प्रार्थना सभा के उपरांत भंडारे का आयोजन कर प्रसाद वितरित किया गया। भारत विकास परिषद डिबाई शाखा के सचिव इंजीनियर सोमवीर सिंह लोधी ने इस कार्यक्रम के संयोजक और प्रायोजक सत्य कुमार सर्राफ का आभार व्यक्त करते हुए सभी पधारे हुए सदस्यों को धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर भारत विकास परिषद शिकारपुर शाखा के अध्यक्ष नीरज मित्तल अपने सहयोगियों सहित कार्यक्रम में उपस्थित रहे तथा भारत विकास परिषद डिबाई की ओर से प्रवीण जिंदल, महिला कार्यक्रम संयोजिका रेनू जयसवाल, सह संयोजिका गुंजन गुप्ता, अर्चना पंवार, अपर्णा राय, संगीता राय, सक्षम राय, कृष्णा जैसवाल सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।