मुख्यमंत्री जी महिलाओं को सुरक्षा सम्मान देने के सरकारी दावे शाहजहांपुर में हवा हवाई
निगोही में सपा नेता पूर्व विधायक से आज भी डरती है पुलिस,खादी के इसारों पर काम कर रहे खाकीधारी
पुलिस विभाग की जिन महिला पुलिस कर्मियों के कन्धों पर अवला नारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है,वही एक विधवा को खदेड़ कर बेघर करने में जुटी हुई हैं।
शाहजहांपुर
उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए गुंडे माफियाओं से लेकर अपराधियों पर अपनी नकेल कसने वाली योगी सरकार,महिलाओं की समस्या को लेकर तत्काल कार्यवाही का दावा तो करती है लेकिन शाहजहांपुर की राजनीति के चक्रव्यूह में फंसी एक विधवा महिला को न्याय दिलाने में असमर्थ साबित हो रही है।योगी सरकार के आदेश पर जहाँ यूपी की महिला पुलिस नारी सुरक्षा और नारी सम्मान से लेकर तमाम जागरूकता अभियान चलाते हुए अक्सर देखी जाती है।आज हम उसी महिला पुलिस द्वारा एक विधवा महिला के साथ किये गए दुर्व्यवहार की ऐसी तस्वीरें दिखा रहे हैं। जिसे देखकर आप भी यही सोचने पर मजबूर हो जाएँगे कि यह यूपी की पुलिस नारी की सुरक्षा और सम्मान कैसे करती है।
दरअसल मामला निगोही थाना क्षेत्र का है,जहाँ एक विधवा महिला थाने के सामने बने अपने स्वर्गीय पति के भवन में अचानक घुस गयी।जब पुलिस पहुँची तो उसने बताया कि वह पूर्व विधायक रोशन लाल वर्मा की बहू है,उसके बेटे विनोद वर्मा ने उसके साथ वर्ष 2011 में प्रेम विवाह किया था।जिससे उसकी एक बेटी भी है,जब तक पति जिंदा थे वह इसी भवन में रहती थी।लेकिन पति की मृत्यु के बाद उसे यहाँ से निकाल दिया गया,हद तो तब हो गई जब पूर्व विधायक रोशनलाल वर्मा ने अपनी बहू मानने से भी इंकार कर दिया अब वह और उसकी बेटी दर दर की ठोकरे खाने को मजबूर हैं।विधवा महिला का कहना है कि पुलिस कप्तान और डीएम से लेकर उच्चाधिकारियों की चौखट पर माथा रगड़ कर देख लिया,लेकिन न्याय मिलने की बात तो बहुत दूर विधायक का नाम आते ही उसकी फरियाद को सुनने की भी अधिकारी हिम्मत नही जुटा पा रहे हैं।
अब ऐसे में इन्हीं तंग हालातो से आजिज आकर आज वह खुद अपना और अपने बच्चे का अधिकार लेने अपने स्वर्गीय पति के घर पहुँच गयी।इतना सब सुनने के बाद भी योगी की पुलिस ने उस विधवा महिला पर तरस खाने के बजाये पूर्व विधायक के रसूख के आगे नतमस्तक होकर उस विधवा महिला को खदेड़ कर उस भवन से बाहर निकाल दिया।
फिलहाल कहने का मतलब बस इतना सा है कि आखिर क्यों किसी बड़े रसूखदार के सामने कानून इतना बेबस और लाचार नजर आता है।कि वर्षों से एक विधवा अपनी बच्ची को लिए इंसाफ की भीख मांग रही है।लेकिन इंसाफ मिलने की बात तो बहुत दूर उसे सिर्फ ठोकरें ही मिल रही हैं,जो नारी के सम्मान और सुरक्षा करने का दावा करने वाली सरकार के मुंह पर करारा तमाचा है।