अस्थाई गौशालाओं में नहीं हो पा रही है गोवंश की सही देखभाल
संभल
सरकार चाहे कितने भी बड़े वादे करें कितनी भी अस्थाई गौशाला खुलवाएं लेकिन जो बनाई गई गौशाला धरातल पर ही बनी रह गई जनपद संभल में कई ऐसी स्थाई गौशाला बनी हुई है। उनमें न ही गोवंश के लिए खाने की उचित व्यवस्था है और ना ही पानी पीने की कड़कती धूप में बाहर खड़ी रहने को मजबूर हैं भूख के मारे तड़प रही हैं गाय तो अस्थाई गौशाला बनाने का क्या फायदा जिनमें गोवंश की उचित व्यवस्था ना हो। मैं सरकार से अपील करता हूं की ऐसा कोई समुचित व्यवस्था की जाए। जिससे गोवंश की दुर्गति ना हो आपसे निवेदन है जिस तरह से आपने नियम लागू किए हैं और उनका पालन भी करा रहे हैं ऐसा ही कोई नियम बना दीजिए जिससे कि प्रत्येक घर में एक गाय को रखना अनिवार्य हो जाए चाहे आप फ्री राशन ना दें चाहे किसान सम्मान निधि कम कर दें लेकिन जो सक्षम है जो अपने परिवार में 3 या 4 लोगों को भोजन खिला सकता है तो क्या एक गाय को नहीं पाल सकता गाय को हिंदू धर्म में सर्वोपरि माना गया है तो क्या हिंदुओं का धर्म नहीं किए गाय को पाल सके जब गाय में 33 करोड़ देवी देवता का बास बताया है तो क्यों गोवंश बेसहारा रोड पर खेतों में मारी मारी फिर रही है सड़कों की अगर बात करें तो आए दिन गोवंश से दुर्घटना देखी जा सकती है जिसमें कई लोगों की जान भी चली गई है लेकिन इसमें शासन प्रशासन का कोई भी ध्यान नहीं है और ना जाने कितने गोवंश की मृत्यु भी हो गई । जो व्यक्ति कुशल और सामर्थ है ,उसके घर में एक गाय रहेगी तो इस तरह से सड़कों पर खेतों में मारी मारी नहीं फिरेगी , जिससे किसानों की फसलों का नुकसान भी नही होगा और ना ही घटना होगी । जब अस्थाई गौशाला मैं बंधी गोवंश को लेकर प्रधान पति से बात की तो वरहाल कैमरे के सामने आने से मना कर दिया, उन्होंने कहा एक गाय के लिए 30 रु आते हैं अब 30 रुपये से क्या गाय का पेट भर जाएगा अपने पैसों से कब तक खिलाते रहेंगे सहयोग तो कोई करता नहीं।
गौशाला में काम कर रहे युवक से भी हमने बात की तो उन्होंने कहा सुबह शाम को हरा चारा खिलाते हैं आटा भी मिला देते हैं जब हमने देखा हरा चारा तो पाया गया लेकिन आटा कहीं कुट्टी में नही दिखा दोनों कमरे में सड़ा भूषा पड़ा हुआ था।
गौशाला में लगी हुई टीन टूटी पड़ी हुई थी।
देखते हैं सरकार गोवंश को लेकर क्या एक्शन लेती है या फिर ऐसे ही गोवंश की दुर्गति होती रहेगी।