सिर्फ पर्यावरण दिवस पर ही नहीं, सरकार का हमेशा यह स्लोगन रहता है कि 'पेड़ लगाओ-जीवन बचाओ
मामला जनपद संभल की गुन्नौर तहसील के गांव नंदरौली का है जहां 'वृक्ष लगाओ- जीवन बचाओ' मिशन के तहत हजारों पौधे गांव भेजे गए जिन्हें लगाने की जिम्मेदारी गांव के ग्राम प्रधान व रोजगार सेवक की सौंपी थी, लेकिन इन दोनों की लापरवाही से हजारों पौधे बेकार हो गए क्योंकि उन्होंने उन पौधों को लगाने की बजाय एक गड्ढे में फेंक दिया और ऊपर से मिट्टी डाल कर छुटकारा पा लिया। जब इसके बारे में ग्राम प्रधान व रोजगार सेवक से बात की तो उन्होंने सारा जिम्मा लेखपाल पर ठोक दिया उन्होंने कहा बिना बताए ट्रॉली में भरकर पौधे डाल गए थे । और जब इस गंभीर विषय को लेकर लेखपाल से बात की तो उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान व रोजगार सेवक को पौधे सुपुर्द किए गए हैं।
एक ओर जहां पिछले महीने पर्यावरण दिवस पर अनेक लोगों और संस्थाओं ने अपने खर्चे से जगह-जगह बड़ी संख्या में वृक्षारोपण किया, वहीं दूसरी ओर इस गांव के लेखपाल और प्रधान ने सरकार द्वारा भेजे गए पौधों को भी नही लगवाया जब वहां पर मीडिया कर्मी पहुंचे तो एक दूसरे पर इसका आरोप लगाते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया।
प्रशासन को चाहिए कि मामले को संज्ञान में लेकर इसकी जांच कराए और दोषी पाए जाने पर इन लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करे।