जनपद शाहजहांपुर में मीटिंग का शुभारंभ डायट प्रवक्ता बी. एल. मौर्या द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया l
आज ददरौल विकासखंड के अंतर्गत उ0प्रा0वि0 नगरिया में न्याय पंचायत पिपरोली की संकुल बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें डायट प्रवक्ता बी. एल. मौर्या जी व टी आर गंगवार जी तथा समस्त शिक्षक संकुल व प्र0अ0/ इ0प्र0अ0 उपस्थित रहे।
संपादक जितेंद्र कुमार कश्यप के साथ बरेली मंडल प्रभारी नीतू कश्यप की विशेष रिपोर्ट
मीटिंग का शुभारंभ डायट प्रवक्ता बी. एल. मौर्या द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया l
बी एल मौर्य ने कहा हमें समाज के नजरिए को बदलना है। आज हमारा समाज सरकारी विद्यालयों से मुंह मोड़ चुका है। यद्यपि कि सरकारी विद्यालयों में प्रतिभाशाली और मेहनती अध्यापक हैं। बच्चा चाहे अमीर घर का हो या गरीब घर का सबके अंदर प्रतिभा छुपी होती है अध्यापक का काम है उस प्रतिभा को बाहर निकालना। शिक्षक खुद अपने बच्चों को सरकारी विद्यालयों में प्रवेश दिलाएं और अपने विद्यालयों को अपने बच्चों लायक बना लें तब समाज का भी नजरिया सरकारी स्कूलों के प्रति सकारात्मक होगा। जनशक्ति के आधार पर विद्यालयों को मर्ज किया जा रहा है यदि सरकारी विद्यालयों में बच्चे ही नहीं रहेंगे तब शिक्षक किसे पढ़ाएंगे और सरकार के द्वारा शिक्षकों की नई भर्ती क्यों की जाएगी। इसलिए अभी भी समय है, सभी शिक्षक निद्रा से जग जाएं और अपने विद्यालयों की दशा को बदल दें। जब कक्षाओं में क्रांति होती है तभी देश बदलता है।
तत्पश्चात सुरेश चंद्र भारती जी द्वारा मीटिंग का एजेंडा पढ़ा गया तथा मुख्य बिंदुओं जैसे कायाकल्प, विद्या प्रवेश, समर्थ ऐप आदि पर प्रकाश डाला।
शिक्षक संकुल दिनेश पाल ने निपुण भारत कार्यक्रम व निपुण लक्ष्यों पर प्रकाश डाला।
शिक्षक संकुल दीप जोशी ने पुस्तकालय/रीडिंग कॉर्नर के महत्व व कुशल संचालन पर चर्चा की।
डायट प्रवक्ता श्री गंगवार जी ने सभी शिक्षकों से आशा व्यक्त की, कि वे शासन द्वारा जारी योजनाओं व दिशा निर्देशों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करेंगे और अपने अपने विद्यालय को निपुण विद्यालय बनाएंगे।
अंत में मीटिंग का संचालन कर रही शिक्षक संकुल श्रीमती प्रियंका श्रीवास्तव द्वारा मीटिंग में प्रतिभाग कर रहे समस्त साथियों का आभार प्रकट करते हुए मीटिंग का समापन किया गया lकार्यक्रम को सफल बनाने में शशिकांत, अनिल वर्मा, उमा शंकर मौर्य, बिंदु, राजरानी, अमित वर्मा, दिनेश चंद्र यादव आदि शिक्षकों का योगदान रहा।