*तीन रोज़ा उर्से अमानत-ए-आला हज़रत का कुल की रस्म के साथ हुआ समापन*
जनपद पीलीभीत से राष्ट्र नमन समाचार पत्र के लिये समाचार सम्पादक अब्दुल समाचार सम्पादक अब्दुल रशीद अंसारी की खास रिपोर्ट।
पीलीभीत- उत्तर प्रदेश के जनपद पीलीभीत के मोहल्ला सर चश्में हिदायत नगर, भूरे खां में स्थित खानका-ए-अमानतिया के सज्जादा नशीन हजरत कारी रज़ा-ए-रसूल की सरपरस्ती में चल रहे तीन रोज़ा सालाना उर्से अमानते आला हजरत का सोमवार को कुल की रस्म के साथ समापन हो गय।
तीन रोज़ा उर्स के आखरी दिन कुल की रस्म के साथ सालाना उर्से अमानते आला हजरत का समापन किया कर दिया गया।
इस से पहले शुक्रवार की रात आल इंडिया हुजूर मुफ्ती-ए-आज़म-ए-हिन्द कान्फ्रेंस मुनक्किद की गई जिसमें हिन्दुस्तान के मशहूर बड़ी दरगाहों के सज्जादा नशीनों ने शिरकत की। साउथ अफ्रीका से आये विश्व प्रसिद्ध मशहूर शायर शमीम बरकाती ने अपने कलाम अली-अली मौला अली-अली से कान्फ्रेंस में हजारों की संख्या में मौजूद जायरीनो को झूमने पर मजबूर कर दिया।
उर्से में हिन्दुस्तान की बड़ी व मशहूर दरगाहों के सज्जादा नशीनों ने शिरकत कर उर्स में चार चाँद लगा दिये। इसी के साथ-साथ जश्न-ए-दस्तार बन्दी की रस्म अदायगी के दौरान दस बच्चों के सरों पर अमामा शरीफ बांध कर दस्तार बन्दी की।
इस के अलावा इस्लाम धर्म के प्रवर्तक हजरत मोहम्मद साहब के ज़ुल्फ शरीफ(सरके के बाल), मूंए मुबारक(दाड़ी शरीफ के बाल) व उनके नक्शे-पा(पत्थर पर पैर के निशान) की ज़ियारत व सरकार गौश-ए-आज़म, हजरते मौला अली शेरे खुदा, सरकार हजरते इमामे हसन व इमामे हुसैन (कर्बला बालों) के मूंए मुबारक शरीफ तथा दीगर बुजुर्गों के तवर्रुकातों की ज़ियारत कराई गई।
आखिर में खानका-ए-अमानतिया के सज्जादा नशीन जनाब हाजी रज़ा-ए-रसूल साहब ने कौम की तरक्की व मुल्क में अम्नो शान्ति के के लिये दुआ फरमाई। उर्स में आने बाले सभी जायरीनों का इस्तकबाल करते हुए सज्जादा नशीन हज़रत रज़ा-ए-रसूल ने सभी के लिये लम्बी उम्र व सलामती के लिये भी दुआ फरमाई। हज़रत ने उर्से के मौके पर अच्छी व्यवस्था के लिये पुलिस प्रशासन का भी शुक्रिया अदा किया ।