योगी सरकार की शिक्षा नीति से अलग है महोबा में पढ़ा रहे अध्यापकों के नियम
योगी सरकार की शिक्षा नीति को पलीता लगाने में लगे हुए हैं प्राथमिक विद्यालय सिरसी खुर्द के अध्यापक और अध्यापिका
जिले के अधिकांश प्राथमिक विद्यालय चल रहे हैं राम भरोसे
अधिकांश प्राथमिक विद्यालय के अध्यापक अध्यापिका देखी जा सकते है मोबाइल में गेम खेलते
महोबा
बुंदेलखंड के महोबा जिले में योगी सरकार शिक्षा को लेकर भले ही गंभीर हो पर शिक्षा विभाग के अधिकारी से लेकर टीचर तक गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं क्यों? महोबा जिले के अधिकांश प्राथमिक विद्यालय मैं या तो अध्यापक समय पर उपस्थित नहीं होते हैं और जो होते हैं। तो वह बच्चों को ना पढ़ा कर अपने मोबाइल में गेम खेलते आपको देखने को मिल जाएंगे अधिकांश मास्टर और अध्यापिका यहां तक की महोबा जिले ऐसे भी प्राथमिक विद्यालय हैं। जहां पर अध्यापक केवल तनख्वाह बटोरने के लिए ही विद्यालय में दर्शन देते हैं। बकाया अपने घरेलू काम पर मस्त रहते हैं। वही योगी सरकार की शिक्षा नीति को ठेंगा दिखाते हैं।
गौरतलब हो कि महोबा जिले के ग्राम सिरसी खुर्द के प्राथमिक विद्यालय में तैनात अध्यापक लगातार अकेले ही विद्यालय मैं उपस्थित होकर बच्चों को पढ़ा रहा हैं।
जबकि प्राथमिक विद्यालय में और भी अध्यापक और अध्यापिका तैनात हैं। पर वह सभी ज्यादातर अपने घर के काम में मशगूल रहते हैं और तो और हफ्ते में एक दो बार ही आकर अपनी हाजिरी देते हैं। नाम के लिए और सरकार की आई हुई वेतन मुफ्त में बटोर कर शिक्षा के पवित्र व पुनीत कार्य को करना तो दूर केवल खानापूर्ति कर वह अपने घर को निकल जाते हैं।
इसकी शिकायत गांव के लोगों ने उच्च अधिकारियों से कई बार की पर अधिकारियों के ढुलमुल रवैया से अभी तक उन अध्यापक और अध्यापकों के ऊपर किसी भी प्रकार की कार्यवाही अमल पर नहीं लाई गई।
जिससे प्राथमिक विद्यालय के ज्यादातर अध्यापक और अध्यापिका अपने अड़ियल रवैया को अपनाकर योगी सरकार के शिक्षा पर दिए गए आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए अपनी कार्यशैली पर आज भी काम कर रहे हैं वही हम आपको बता दें कि जिले के अधिकांश प्राथमिक विद्यालय के अध्यापक और अध्यापिका सरकारी विद्यालय से नदारत आपको अक्सर देखने को मिल जाएंगे
वहीं प्राथमिक विद्यालय ग्राम सिरसी खुर्द को ही देख ले कई दिनों से अध्यापक विद्यालय से नदारत है तेजी से बाहर हो रहे वीडियो में अध्यापक खुद ही देख लीजिए की अपने साथी सीनियर अध्यापकों के अनुपस्थित होने की कहानी बयां कर रहा है।