बिजली संविदा कर्मियों की नहीं है कोई सुनने वाला ठेकेदार मस्त अधिकारी व कर्मचारी भुखमरी
*कर्मियों ने मशाल जुलूस निकालकर जताया विरोध*
बांदा। बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले विभिन्न समस्याओं के निस्तारण की मांग को लेकर धरना व मशाल जुलूस निकालकर विरोध दर्ज कराया। अपर मुख्य सचिव उर्जा को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
शीर्ष प्रबंधन की मनमानी, फिजूल खर्च रोकने, पुरानी पेंशन बहाली सहित कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा दिए दिने जाने की मांग को लेकर बिजली कर्मचारी आंदोलित हैं। मंगलवार को कर्मचारियों ने मांगे पूरी न होने पर मुख्य अभियंता कार्यालय में धरना दिया। शाम को मशाल जुलूस निकाला। इसका महाराणा प्रताप चौक में समापन हुआ।
संयोजक वैभव शुक्ला ने कहा कि सार्वजनिक उपक्रमों की भाति ऊर्जा निगमों में समस्त भत्तों का पुनरीक्षण किया जाए। सह संयोजक कांता प्रसाद ने कहा कि इलेक्टीसिटी रिफार्म एक्ट 1999 ट्रांसफर स्कीम 2000 एवं 25 जनवरी 2000 को उत्तर प्रदेश सरकार व बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के मध्य हुए समझौते के अनुसार कर्मचारियों को मिल रही रियायती बिजली की सुविधाएं बहाल रखी जाएं।
अन्य प्रांतों की भांति संविदा कर्मियों को नियमित किया जाए। ईपीएफ घोटाले की उच्च स्तरीय जांच की जाए। मोहन लाल, आनंदपाल, लखन पटेल, आलोक शर्मा रहे।
जनपद बांदा
चित्रकूट धाम बांदा मंडल प्रभारी सुनील यादव