हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी कासिम बाबा की जे रे निगरानी में हुआ उर्स मुबारक
उन्नाव
हसनगंज तहसील क्षेत्र के नगर पंचायत न्यूतनी में हर साल की तरह इस साल भी मजार रहमतुल्लाह शाह बड़े पीर सरकार साहब की मजार पर उर्स मुबारक वा कुल शरीफ हुआ वही मजार पे चादर पोशी गद्दी नशीन कासिम बाबा के नेतृत्व में की गई उसके बाद संडीला से आए मशहूर कव्वा लो ने कव्वाली का प्रोग्राम किया कस्बा न्यू तनी मैं बड़े पीर साहब की मजार पर हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी कासिम बाबा की जे रे निगरानी में उर्स मुबारक हुआ जिसमें संडीला से आए हुए कव्वालो ने अपने अपने कलाम पेश किए भर दो झोली मेरी या मोहम्मद लौटकर मैं ना जाऊंगा खाली । कुछ नवासो का सदका आता हो दर पर आया हूं बनकर सवाली वह मोहम्मद का प्यारा नवासा जिसने सजदे में गर्दन कटा ली कव्वा लो के कलामो से चाहने वाले पूरी तरह डूब गए।
उसके बाद गद्दी नशीन कासिम बाबा की निगरानी मैं कुल शरीफ मजार पर हुआ मजार पर कव्वालियों का प्रोग्राम शाम तक चलता रहा इस उर्स मुबारक में कई गांव कई शहरों से हजारों की तादाद में महिलाएं पुरुष बच्चे हिंदू मुस्लिम सभी लोगों ने आकर अपने अपने अलग अंदाज में मजार पर चादर पोशी करते हुए अकीदत पेश की जिसमें कस्बा के अलावा आसपास क्षेत्रों से आए चाहने वालों ने शिरकत की हसनगंज के जाहिद भाई ने मजार पर कुल पढ़ने के बाद कहां की हमारे प्यारे रसूल मोहम्मद सल्लल्लाहो वाले वसल्लम ने हमें तो रास्ता दिखाया है उसी रास्ते पर हमको चलना चाहिए तभी जिंदगी और आखिरत मे हम कामयाब होंगे उन्होंने कहा आज हम दुनिया वी कामों में इतना ज्यादा मत दिला हो गए हैं की नमाज कजा पर कजा करते चले जाते हैं उन्होंने कहा कि दुनिया के कामों के साथ-साथ हमें अल्लाह वह दिन के कामों के लिए भी समय निकालना चाहिए उसके बाद रात भर चला कव्वालियों का दौर मजार पर कव्वालियों का आयोजन पूरी श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया गया।
जिसमें दूरदराज के आए श्रद्धालुओं ने शिरकत की आए हुए श्रद्धालुओं ने मजार पर चादर पोशी की और दुआएं मांगी उसके बाद कार्यक्रम संपन्न हुआ उर्स मुबारक में नवाब अली रमजान अली मुख्तार गुलजार अख्तर कांग्रेस नेता अब्दुल लतीफ उस्मानी उर्फ गोलू सपा नेता गुड्डू कुरैशी नाजिम अली अब्दुल अली छेदीलाल रामखेलावन गोपाल श्री राम जाहिद भाई हसीन कामिल अली अब्दुल हादी अयूब भाई अजमेरी खान सोनू विनोद कुमार ठाकुर प्रसाद सुरेंद्र कुमार जमुना प्रसाद जितेन कुमार रामपाल निगत फातमा रीना मीना रूबी शहर बानो शारिक जुबेर खालिद संतोष कुमार मोहम्मद अयूब साकिब गद्दी नशीन कासिम बाबा आदि लोग मौजूद रहे।