सत्ताधारी दल के एक नये नवेले नेता जी राजनीति चमकाने के चक्कर में अपनी ही सरकार की कार्यशैली पर उठा रहे सवालिया निशान
सत्ताधारी दल के एक नये नवेले नेता जी राजनीति चमकाने के चक्कर में अपनी ही सरकार की कार्यशैली पर उठा रहे सवालिया निशान, देर सबेर जागे नेता जी का कदम भाजपा सरकार की छवि पर भी असर डाल रहा है। सरकार से जनता अगर गुहार लगाये तो जायजा सी बात लेकिन जब सत्ताधारी दल के नेता ही सरकार ने गुहार लगाने लग जाये तो जाहिर सी बात है कि नेताओं की चलता कम है और या तो वह राजनीति में कुछ ज्यादा ही बड़बोलापन दिखा रहे है। ऐसा ही एक मामला क्षेत्र के एक नये नवेले नेता जी का है। नेताजी हाहजूरी से दल की कृपा पाकर फर्श से अर्श पर पहुंचे गये तो मानो अपनी राजनीति चमकाने के चक्कर में पक्षपात की राजनीति करके क्षेत्र में चर्चा बटोरना चाहते है। और दलितों से उनका काफी बैर है। नेता जी का कदम दलितों के विरोध शीशे की तरह साफ दिखाई देता है। आगे शेष है ...........