अक़ीदत के साथ सम्पन्न हुए ताज़िये! कर्बला बालों को किया याद
पीलीभीत
जनपद पीलीभीत में यौम-ए-अशरा के मौके पर अक़ीदत मन्दों ने जुलूशिया शक्ल में कर्बला पहुंचकर अपने-अपने ताज़िये दफन किये। और साथ ही साथ शबीलें व लंगर लगाकर लोगों में तक्सीम किया। तथा कर्बला बालों को याद कर यौम-ए-अशरा की रस्म अदा की।
जनपद के सभी क्षेत्रों में ताज़िये दारों ने अपने द्वारा बनाये गये ताज़ियों को कर्बला ले जाकर सुपुर्दे खाक किया। ज्ञातव्य हो कि इस्लाम धर्म के प्रवर्तक हजरत मोहम्मद साहब के नबासे हजरत इमाम-ए-हुसैन ने अच्छाई की खातिर बहुत ही बुरे यजीद से बयत न कर अपने व अपने खानदान को कुर्बान कर दिया था।
तब से लेकर आज तक अक़ीदतमन्र मुहर्रम महीने की एक तारीख से दस तारीख तक कर्बला बालों के नाम पर शबीलें लगा कर, लंगर लगाकर व ताज़िये बनाकर अपनी अक़ीदत का इज़हार करते हैं।
शुक्रवार की रात में ताजियेदारों ने रोशनी कर फातेहाख्वानी कराई। शनिवार को यौमें अशरा के मौके पर अपने-अपने ताजियों को कर्बला ले जाकर दफन किया। शहर पीलीभीत से मोहल्ला मदीनाशाह, फीलखाना, बेनी चौधरी, भूरे खां, तकिया, पकड़िया, शेख चांद, डालन्द छोटी मार्कीट, खुदागंज मोहम्मद वासिल, गौड़ी, कुरैशियान , मन्सुरियान, पकड़िया , पंजाबियान तथा गाॅव गौहनिया, चिड़य्या दाह, नौगवा, चन्दोई , भिकारीपुर, अमरिया, मझोला, न्यूरिया, माधोटांडा, पूरनपुर, बीसलपुर, बरखेड़ा, बिलसंडा,मरौरी, ललौरी खेड़ा, जहानाबाद आदि ताज़िये दारों ने अपने-अपने ताज़ियों को कर्बला ले जाकर सुपुर्द-ए- खाक किया।