डॉ. राजेश्वर सिंह ने कीर्ति द्विवेदी को दी श्रद्धांजलि, उठाया भाई की पढ़ाई का खर्च, पिता को लखनऊ में कार्य दिलाने का दिया आश्वासन
कीर्ति को न्याय दिलाने पहले उठाई सदन तक आवाज, अब पेश की मानवता की नई मिशाल
*कीर्ति द्विवेदी के परिजनों से मिले डॉ. राजेश्वर सिंह, की आर्थिक सहायता, दिया हरसंभव सहायता का आश्वासन*
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कीर्ति द्विवेदी को दी श्रद्धांजलि, उठाया भाई की पढ़ाई का खर्च, पिता को लखनऊ में कार्य दिलाने का दिया आश्वासन
लखनऊ। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह जनता के हर सुख-दुख में उनके साथ रहते हैं। विधायक राजेश्वर सिंह ने मानवता की अब एक ऐसी मिशाल पेश की है जो सच में वन्दनीय है, दरहसल विगत दिनों फर्म EESL की लापरवाही के कारण कृष्णा लोक कॉलोनी निवासी 11वीं कक्षा की छात्रा कीर्ति द्विवेदी की फिनिक्स शापिंग मॉल के निकट विद्युत स्पर्शाघात के कारण मृत्यु हो गई थी, जंक्शन बॉक्स से स्ट्रीट लाईट के कन्डक्टर तक केबिल का रख-रखाव फर्म EESL द्वारा किया जाता है। धटना उपरांत कीर्ति को न्याय दिलाने के लिए विधायक राजेश्वर सिंह ने न केवल सदन तक आवाज उठाई बल्कि उसके परिवार को हर संभव मदद भी पहुंचाई।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने सोमवार को कीर्ति के आवास पहुंच उसके परिजनों से भेंट कर अपनी शोक संवेदना व्यक्त की साथ ही परिवार को 50 हज़ार रुपयों की आर्थिक सहायता भी प्रदान की।
विधायक राजेश्वर सिंह ने इस दौरान चौथी कक्षा में पढ़ने वाले कीर्ति के छोटे भाई की इस साल की शिक्षा का पूरा व्यय तथा भविष्य की शिक्षा के लिए हर सम्भव सहयोग के लिए आश्वस्त किया।, साथ ही सूरत, गुजरात में कार्यरत कीर्ति के पिता विनीत द्विवेदी को उनकी इच्छा के अनुरूप लखनऊ में ही कार्य दिलवाने का आश्वासन दिया जिससे की वह अपने परिवार के साथ रह कर उनकी अच्छे से देख-रेख व भरण- पोषण कर सकें।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने बेटी को दिलाया न्याय—
5 अगस्त 2023 को कीर्ति द्विवेदी जब कोचिंग से अपने घर लौट रही थी, तभी फिनिक्स मॉल के निकट खुले तार में उतरे करंट की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई थी। इस घटना से डॉ. राजेश्वर सिंह अत्यंत दुखी हुए। बेटी के निधन से दुखी परिवार के साथ डॉ. राजेश्वर सिंह हर क्षण खड़े रहे, उन्होंने बेटी को न्याय दिलाने की ठानी और लापरवाहों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के लिए सदन में भी आवाज उठाई। विधायक राजेश्वर सिंह ने प्रकरण को मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाने के साथ नियम-51 के अंतर्गत उक्त विषय को विधानसभा में उठाया।
साथ ही पत्र लिख ऊर्जा मंत्री A K Sharma से जांच करवाकर लापरवाह कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग थी।
डॉ. राजेश्वर सिंह के प्रयासों के कारण ही इस मामले में लापरवाहों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज हुई और परिजनों को त्वरित राहत के लिए 6 लाख की आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई गई थी। डॉ. राजेश्वर सिंह जनता के सुख-दुख में हमेशा उनके साथ खड़े रहते हैं। बेटी कीर्ति को न्याय दिलाने के उनके प्रयासों से जनता के प्रति उनका विश्वास और अधिक बढ़ गया है। जहां ऐसा जनप्रतिनिधि हो वहां जनता के साथ अन्याय नहीं हो सकता है।