जनपद में यूपी बिहार बॉर्डर की सड़कों पर दौड़ रहे डग्गामार वाहन लोगों की जान से खुलेआम खिलवाड़।
सोनभद्र
उत्तर प्रदेश के जनपद सोनभद्र में लगातार सड़क हादसों हो रहे हैं और प्रतिदिन इनकी संख्या में इजाफा हो रहा है उसके बाद भी यातायात और आरटीओ विभाग नियमों कुम्भकरणी नींद में सो रहा हैं।
पूरे जनपद में अवैध टैक्सी स्टैंड बने हुए हैं जिनमें बिना परमिट की गाड़ियां फर्राटे से दौड़ रही हैं। नियमों को ताक पर रखकर सड़कों पर दौड़ने वाले वाहन के खिलाफ परिवाहन विभाग के अधिकारी कोई कार्यवाही नहीं करते।
आपको बता दे कि नगवा ब्लाक क्षेत्र जो उत्तर प्रदेश - बिहार बॉर्डर की सड़कों पर रोज सैकड़ों वाहन दौड़ रहे इन डग्गामार वाहनों से हजारों लोगों की जान के साथ खिलवाड़ हो रहा है। जल्दी पहुंचाने का लालच देकर सवारियों को इन डग्गामार वाहन में ठुस ठुस कर भरा जाता है फिर भेड़ बकरी की तरह बैठें लोगों को लेकर छोटी-छोटी उम्र के चालक जो आधी सीट पर बैठकर वाहन को चलाते हैं और तो और वाहनों की खुली छत पर सवारियां बैठाई जाती हैं।
जल्द पहुंचाने और एक ज्यादा फेरा लगाने के चक्कर में वाहन बहुत तेज रफ्तार से चलायी जा रही हैं अपने साथ उस वाहन में बैठी सवारियां की जान खतरे में डालकर गाड़ी चला रहे हैं।
इन डग्गामार वाहन चालकों में पुलिस व प्रशासन का कोई खौफ नहीं है ये बेखौफ होकर यहां की सड़कों पर डग्गामार वाहन चल रहे इस प्रकार के वाहनों पर पुलिस का कोई नियंत्रण नहीं है जिसके चलते आए दिन हादसों का भी सबब बन रहे हैं ऐसे में अपनी जान जोखिम में डालकर इन डग्गामार वाहनों में यात्रा कर रहे लोगों की भी अपनी मजबूरी है चुकी क्षेत्र में परिवहन संसाधनों का पहले से ही भारी अभाव रहा है। इस ओर कभी किसी सरकार ने ध्यान ही नहीं दिया की जनपद की जनता को परिवाहन कि भी आवश्यकता होती है।
इन डग्गामार वाहनों से राज्य सरकार को राजस्व की भारी क्षति होती हैं।
उत्तर प्रदेश और बिहार से आने जाने वाले लोगों को इन डग्गामार वाहनों में सफर करना जान जोखिम में डाल कर यात्रा करना हैं।
क्या पुलिस और परिवाहन विभाग के अधिकारी नहीं जानते कि क्या हो रहा है इनको डग्गामार वाहनों से अपना लाभ दिखाई दे रहा है जो पैसा सरकार के खाते में जमा होना चाहिए वह डग्गामार वाहन मालिक ले जा रहे हैं इनका समर्थन कुछ रिश्वतखोर सरकारी विभागों के कर्मचारी दें रहे हैं।