अमीनाबाद पुलिस के द्वारा क्षेत्र में जाम की समस्या से छुटकारा दिलाने के सभी प्रयासों पर पानी फेर रहें हैं ई रिक्शा व व्यापारी
अमीनाबाद पुलिस के द्वारा क्षेत्र में जाम की समस्या से छुटकारा दिलाने के सभी प्रयासों पर पानी फेर रहें हैं ई रिक्शा व व्यापारी
क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पैदल गश्त हुई तेज
लखनऊ
राजधानी लखनऊ के अतिव्यस्त क्षेत्र अमीनाबाद में जाम का सबसे बड़ा कारण ई रिक्शा चालक जो जहां तहां ई रिक्शा खड़ा कर सवारियां बैठाने लगाते हैं और उसके बाद रही सही कसर यहां के दुकानदारों पूरी कर देते हैं जो भी उनके यहां सामान खरीदने आता है उसके वाहनों को सड़क पर खड़ा करा देते हैं जिससे आधी पर वाहन खड़े होने से जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है और व्यापारी इस ओर किसी प्रकार का कोई सहयोग नहीं करते।
जबकि लखनऊ कमिश्नरेट थाना अमीनाबाद के थाना प्रभारी सुनील कुमार आजाद ने क्षेत्र में लगातार गश्त बढ़ा दी है और एडिश्नल इंस्पेक्टर ब्रजेश यादव, बीट इंचार्ज मनोज,
महिला उपनिरीक्षक रसना शंखवार , मौलवीगंज चौकी प्रभारी सुरेन्द्र कुमार, नजीराबाद चौकी प्रभारी धीरज कुमार निगम, दरोगा धीरज यादव, सुरसुरी शुक्ला व पुलिस व अन्य कर्मीयों की एक टीम बनाकर अमीनाबाद क्षेत्र में पैदल गश्त करने व लोगों की सुरक्षा के लिए चेकिंग अभियान करने के आदेश दिए हैं।
गठित पुलिस टीम लगातार क्षेत्र में पैदल गश्त कर रही है और सड़क पर पर खड़े हुए वाहन का चलान कर रही है साथ ही सड़क पर लगने वाले ठेलो को नगर निगम के द्वारा निर्धारित सफेद पट्टी के अंदर रखने की नसीहत दे रही है और जो भी ठेले बाहर लगे हैं उनको चेतावनी दे जा रही हैं।
कापी किताब की कुछ दुकानें सड़क घेरकर लगाई जा रही है उनको भी सफेद पट्टी के अन्दर रहने की नसीहत दी गई पर कुछ व्यापारी इस ओर से उदासीन है जिनके कारण जाम लगता है क्या कारण है जो पुलिस इन पर कार्यवाही नहीं करती क्या व्यापार मंडल का दबाव है या कुछ और ये समझ में नहीं आता वैसे ये व्यापार मंडल का दबाव ज्यादा लगता है तो पुलिस के आलाधिकारी व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर जाम में फंसे अमीनाबाद को निकाल सकते हैं।
हम बताते हैं कहां कहां लगता है सबसे ज्यादा जाम और उसका कारण
जो रास्ता छेदीलाल धर्मशाला होते हुए प्रकाश कुल्फी की ओर गया है उस रास्ते पर कॉपी किताब की दुकानों के सामने सुबह से ही वाहन खड़े रहते हैं जो सड़क जाम का कारण बनते हैं।
वहीं टुंडे कवाबी तो कवाब बेचने में लगा हुआ है और जो लोग कवाब पराठा लेने आते हैं वह सड़क पर ही अपनी गाड़ियां खड़ी कर देते हैं जिससे अधिकतर वहां भी जाम लगा रहता है।
अमीनाबाद चौराहे पर घड़ी की दुकानों के सामने ई रिक्शा और बाइक स्टैंड बना हुआ है वहां तो भीषण जाम में भी खड़े रिक्शा चालक व ई रिक्शा चालक खड़े ही रहते हैं अपनी गाड़ियों को हटाते ही नहीं।
चौकी के सामने प्रकाश कुल्फी वाली लाइन में जो भी दुकानदार मेज व ठेलों पर सामान बेचते हैं वह तय सीमा के बाहर दुकानें सजायें रहते हैं और ये नजारा आपको हनुमान मंदिर तक मिलेगा।
गड़बड़ झाला और थाने के आगे तथा नेतराम की दुकान के सामने सड़क पर हमेशा की तरह गाडियों खड़ी ही मिलेगी क्योंकि वीआईपी आते-आते हैं।
इससे विकराल जाम की स्थित तो लाटूश रोड़ पर रहती हैं यहां पर दुकान के आगे व्यापारी अपनी गाड़ियों को खड़ी कर देते हैं और फिर माल उतारने चढ़ाने के लिए ट्रांली खड़ी कर देते हैं और दाद में खाज़ बने ई रिक्शा जो किसी भी गली और छोटी छोटी जगह पर घुस जाते हैं।
अतिक्रमण का अलग ही रोना है अधिकांश दुकानें सड़क पर ही लगी है केवल दुकानदार अन्दर बैठे हैं।
शासन और प्रशासन ने ऐसे लोगों पर शिकंजा कसना क्यों बन्द कर दिया। अतिक्रमण करने वाले रोज कानून की धज्जियां उड़ाते दिखाई देते हैं। कार्यवाही नहीं होने से अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं उनको शासन और प्रशासन का डर नहीं रह गया। नगर निगम के आला अधिकारी तो लगता है कि छुट्टी पर हैं या इस ओर आते ही नहीं। जिसका खामियाजा आम जनता को उठाना पड़ रहा है।
अमीनाबाद मार्केट के यह हाल पढ़कर अब देखना है कि नगर निगम के आला अधिकारी कुछ कार्यवाही करेंगे या नींद में सोते ही रहेंगे।