नगर निगम की लापरवाही के कारण गई व्यक्ति की जान। जुम्मेदार मौन, लोगों की जान जोखिम में डालकर नगर निगम आंखें बंद किए हैं।
नगर निगम की लापरवाही के कारण गई व्यक्ति की जान।
जुम्मेदार मौन, लोगों की जान जोखिम में डालकर नगर निगम आंखें बंद किए हैं।
लखनऊ
नगर निगम की लापरवाही के कारण फिर एक व्यक्ति की जान चली गई, थाना सहादतगंज के अंतर्गत आज़ाद नगर क्षेत्र में कल रात एक व्यक्ति जिसकी उम्र लगभग 60 साल बताई जा रही है, रात के अंधेरे में खुले गहरे नाले में गिर गया, नाले में गिरने से पानी में डूबने से उनकी मौत हो गई, आज सुबह जब परिवार वाले उसे ढूंढने निकले तो नाले के किनारे मरने वाली की चप्पल दिखाई दी। तो उनको लगा कि शायद नाले में गिर गए है, नाले में खोजबीन शुरू कर दी नाला इतना गहरा था किसी ने थाना सहादतगंज पुलिस को सूचना दी।
थाना पुलिस मौके पर पहुँची और शव को लोगों की सहायता से निकाला गया मृतक के चार पुत्र है चारों पुत्रों ने जब अपने पिता के शव को देखा तो उनका रो रो कर बुरा हाल हो गया परिजनों को किसी तरह हटाया गया।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। वहीं स्थानीय नागरिकों की मानें तो यहां पर इस तरह की घटनाएं आये दिन हुआ करती है। लोगों ने बताया कि नाला बहुत गहरा है कई बार नगर निगम को बताया जा चुका है और नाले को ढकने के लिए भी नगर निगम से कहा गया पर किसी तरह की कोई कार्यवाही नगर निगम नहीं करता जिससे रोज कोई ना कोई नाले में गिरकर घायल होता है यदि समय पर मददगार नहीं मिला तो गिरने वाले की मौत हो जाती हैं।
आखिर नाले को बंद क्यों नही किया जाता है, क्यों नाले को खुला छोड़ दिया जाता है, इसका जिम्मेदार आखिर कौन है।