गर्मी के दिनों में अग्निकांड से बचाव के संबंध में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा एडवाइजरी जारी, जिलाधिकारी ने दिए टिप्स
गर्मी के दिनों में अग्निकांड से बचाव के संबंध में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा एडवाइजरी जारी, जिलाधिकारी ने दिए टिप्स
जनपद महोबा बुन्देलखण्ड वरिष्ठ चीफ ब्यूरो भगवती प्रसाद सोनी
महोबा तेजी से बढ़ रही गर्मी के दृष्टिगत संभावित अग्नि काण्डों से बचाव को लेकर जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने जनसामान्य को बचाव के टिप्स देते हुए सचेत किया है। उन्होंने कहा कि गर्मी बढ़ने के साथ ही अग्निकाण्ड की घटनाएं भी प्रारम्भ हो गई हैं। गर्मी के दिनों में जब तेज पछुआ हवा चलती है तो गांवों में अग्निकांड की घटनाएं बड़े पैमाने पर घटित होती हैं जिसके फलस्वरूप हमारे घर, खेत, खलिहान एवं जान-माल को भारी क्षति पहुंचती है। जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण इन घटनाओं से होने वाली क्षति को कम करने के लिए जागरूकता अभियान चला रहा है।
जिलाधिकारी ने इस सम्बन्ध में बताया कि बहुत छोटी-छोटी सावधानियां बरत कर हम अग्निकांड की घटनाओं को रोक सकते हैं। उन्होंने कहा कि गर्मी में लगने वाली आग से गांव अत्यधिक प्रभावित होते हैं। ऐसे में रसोई घर यदि घास फूस का हो तो उसकी दीवाल पर मिट्टी का लेप अवश्य लगा दें। रसोई घर की छत ऊंची रखी जाए। आग बुझाने के लिए घर में बोरे में भरकर बालू अथवा मिट्टी तथा दो बाल्टी पानी अवश्य रखें। हवन आदि का काम सुबह नौ बजे से पहले सम्पन्न कर लें। शार्ट सर्किट की आग से बचने के लिए बिजली वायरिंग की समय पर मरम्मत करा लें। मवेशियों को आग से बचाने के लिए मवेशी घर के पास पर्याप्त मात्रा में पानी का इंतजाम रखें एवं उनकी निगरानी अवश्य करते रहें। गर्मी के दिनों में दिन में तेज व गर्म हवाएं चलती हैं इसलिए जहां तक सम्भव हो गर्मियों में दिन का खाना 09 बजे सुबह से पूर्व बना लें तथा रात का खाना शाम 06 बजे के बाद बनाएं। बिजली के ढीले तारों से निकली चिंगारी भी आग लगने का कारण बन जाती है। इसलिए जहां कहीं भी ढीले तार दिखें उसकी सूचना बिना देर किए बिजली विभाग को दें। खेतों के पास लगे बिजली खंभें के फसल को पहले काट लें, जिससे चिंगारी से आग लगने की संभावना कम हो जायेगी। आग लगने पर सर्वप्रथम समुदाय के सहयोग से आग बुझाने का प्रयास करें। आवश्यकता होने पर आग बुझाने के लिए फायर बिग्रेड एवं प्रशासन को तुरंत सूचित करें। अगर कपड़ों में आग लगे तो जमीन पर लेटकर या लुढ़क कर उसे बुझाने का प्रयास करें।
आग से बचाव हेतु जागरूक करते हुए बताया कि दीपक, लालटेन, मोमबत्ती को ऐसी जगहों पर न रखें जहां से गिरकर आग लगने की संभावना हो। फसल कटने के बाद खेत में छोड़े डंठलों में आग नहीं लगाएं। भोजन बनाने का कार्य तेज हवा के समय न करें। जलती हुई माचिस की तीली अथवा अधजली बीड़ी एवं सिगरेट पीकर इधर-उधर न फेंकें। खाना बनाते समय ढीले-ढाले और पॉलिस्टर के कपड़े न पहनें। हमेशा सूती कपड़े पहनकर ही खाना बनाएं। सार्वजनिक स्थानों, ट्रेनों एवं बसों आदि में ज्वलनशील पदार्थ लेकर न चलें। जिलाधिकारी ने बताया कि गांवों में आग न लगे, इससे बचाव के लिए प्रचार-प्रसार के लिए समस्त विभागों एवं क्षेत्रीय लेखपालों को भी निर्देशित किया गया है।