बाराबंकी में नहीं चलता अधिकारियों का आदेश मुख्यमंत्री से ऊपर है लेखपाल व कानूनगो
मुख्यमंत्री, डीएम व एसडीएम के आदेशों की उडा रही हैं धज्जियां लेखपाल और कानूनगो के कारण किसान भुखमरी की कगार पर
बाराबंकी
उत्तर प्रदेश के जनपद बाराबंकी की तहसील रामनगर के ग्राम तेलवारी में लेखपाल व कानूनगो के द्वारा एक किसान के उत्पीड़न कि मामला सामने आया है। जहां पर एक किसान के साथ शोषण किया जा रहा है। वह भी किसी और के द्वारा नहीं। बल्कि क्षेत्रीय लेखपाल व कानूनगो के द्वारा। वहीं राजस्व विभाग द्वारा पीड़ित किसान को ही उल्टा धमकाया जा रहा है। आपको बता दे कि बाराबंकी जिले के अंतर्गत तहसील रामनगर के तेलवारी गांव में किसान सुरेंद्र कुमार सिंह का 5 बीघा गेहूं खेत में रास्ता न होने के कारण आज भी लगा है।
किसान अपनी फसल काटने के लिए सक्षम अधिकारियों से बराबर न्याय की गुहार लगा रहा है। किसान 4 अप्रैल 2024 से लगातार लेखपाल वीर सिंह, एस डी एम रामनगर, डी एम बाराबंकी व मुख्यमंत्री कार्यालय प्रतिदिन पहुंचकर शिकायती पत्र देते हुए न्याय की गुहार लगा रहा है । एसडीएम के आदेश को लेखपाल वीर सिंह व कानून को ओमप्रकाश उठाकर ताक पर रख दिया है लेखपाल का कहना है रिपोर्ट मुझे लगाना है मेरी रिपोर्ट को राष्ट्रपति भी नहीं कट पाएंगे। जहां जाना है वहां जाओ मेरा कुछ बिगाड़ नहीं पाओगे। और तो और वर्तमान मुख्यमंत्री व डीएम के आदेश को नकारते हुए खंडन कर दिया। 4 अप्रैल से आज तक किसी भी सक्षम अधिकारी के द्वारा न्याय नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में सक्षम अधिकारियों की मिली भगत न मानी जाए। तो क्या समझा जाए लगभग 72 दिन बीत जाने के बाद सक्षम अधिकारी एक क्षेत्रीय लेखपाल से कोई सवाल नहीं पूछ पा रहे हैं कि किसान का गेहूं पांच बीघा क्यों लगा है और निचले स्तर से लेकर ऊपरी स्तर तक समस्त अधिकारियों के आदेश को एक क्षेत्रीय लेखपाल कूड़ेदान में डाल दें। किसान दौड-दौड़ कर परेशान हो चुका है और अब किसान को न्याय की उम्मीद नहीं रह गई है। जिससे किसान व उनके परिवार भुखमरी के कगार पर। किसान सभी अधिकारियों से गुहार लगा चुका है पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है ना जाने कौन सा वरदान इन लेखपाल और कानूनगो को प्राप्त हैं कि इनपर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई।