एग्जिट पोल को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस प्रेस कांफ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने भाजपा पर बोला हमला
एग्जिट पोल को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने भाजपा पर बोला हमला
लखनऊ
सामाजिक रूप से भाजपा ने देश में सौहार्द बिगाड़ा व भाईचारा ख़त्म किया, जाति के खिलाफ जाति; सम्प्रदाय के ख़िलाफ़ सम्प्रदाय लड़वाए; संविधान द्वारा दिये गये- अखिलेश यादव
आरक्षण को साज़िशन ख़त्म करने के लिए बेरोजगारों से छल किया, पेपर लीक कराए- अखिलेश यादव
देश के लिए आगे बढ़कर लड़ने वालों की बहन-बेटियों के लिए जानबूझकर अपने मंत्रियों से अपशब्द कहलवाए- अखिलेश यादव
महिलाओं के प्रति अपराध बढ़ाए, मणिपुर, हाथरस, महिला पहलवान- अखिलेश यादव
पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक व आदिवासियों पर अत्याचार और सबसे ख़राब व्यवहार किये जाने की रिकॉर्ड बना - अखिलेश यादव
आर्थिक रूप से इलेक्टोरल बाण्ड का ऐतिहासिक भ्रष्टाचार किया, इलेक्टोरल बाण्ड के माध्यम से पैसा कमाने के लिए मुनाफाखोरी को बढ़ावा दिया जिसने महंगाई को बढ़ाया - अखिलेश यादव
अपने फ़ायदे के लिए भाजपा ने जनता पर बेतहाशा महंगाई थोप दी। नोटबंदी से व्यापार-कारोबार चौपट कर दिया- अखिलेश यादव
भ्रष्ट जीएसटी से छोटे दुकानदार तक को मंदी का शिकार बना दिया- अखिलेश यादव
किसानों की ज़मीन हड़पनी चाही, काले-कानून लाने चाहे, खाद की बोरी की चोरी की- अखिलेश यादव
लाभकारी मूल्य नहीं दिया 45 सालों की सबसे बड़ी बेरोज़गारी में देश को धकेला- अखिलेश यादव
महँगाई से ग़रीब को और गरीब बना दिया, अमीरों के अरबों के लोन माफ़ किये लेकिन किसानों को ऋण के लिए आत्महत्या के लिए मजबूर किया- अखिलेश यादव
ब्याज की दरें घटाकर मध्यम वर्ग की बचत को बेकार कर दिया, बैंकों में तरह-तरह के चार्ज और पेनल्टी से लोगों के खाते दीमक की तरह अंदर-ही-अंदर खा गये, बैंक लॉकरों के नाम पर ज़िम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया- अखिलेश यादव
नैतिक रूप से चंदे तक का पैसा खा गये, केयर फंड के नाम के आगे पीएम के नाम का इस्तेमाल करके बाद में हिसाब देने से मना कर दिया - अखिलेश यादव
अपराधियों को शामिल करके उनके कुकृत्यों पर परदा डाला जैसे मणिपुर में अपने संगी-साथियों द्वारा बेटी के साथ अमानवीय व्यवहार में, BHU छाला अभद्रता कांड में, खीरी किसान हत्या कांड में, हाथरस की बेटी के बलात्कार-हत्या व कानपुर देहात कांड में जहां माँ-बेटी को झोपड़ी में जिंदा जलाकर मार डाला ऐसे अनगिनत उदाहरण हैं - अखिलेश यादव
शारीरिक रूप से देखें तो भाजपा लोगों के शरीर-स्वास्थ्य से भी खिलवाड़ की दोषी है- अखिलेश यादव
भाजपा ने बिना जाँचे परखे जानलेवा वैक्सीन लगवाई, कमीशन खाकर गलत दवाई को पास करके लोगों का जीवन ख़तरे में डाला- अखिलेश यादव
इसका सीधा असर जनता की सेहत पर पड़ेगा और आनेवाली पीढ़ियों की तंदुरुस्ती पर भी। भाजपा पीढ़ियों पर प्रहार की दोषी है - अखिलेश यादव
मनोवैज्ञानिक रूप से लोगों के दिल-ओ-दिमारा में जानलेवा वैक्सीन लगने के बाद बीमार होने का डर बैठा दिया- अखिलेश यादव
महिलाओं के अंदर असुरक्षा का भाव घर कर गया। युवा unemployment या underemployment से Depression का शिकार हुए- अखिलेश यादव
राजनीतिक रूप से चंडीगढ़ के मेयर चुनाव में कैमरे के सामने धाँधली की, चुनी हुई सरकारें गिराई, खरीद-फरोख्त की नकारात्मक सियासत को जायज़ ठहराया- अखिलेश यादव
मानसिक रूप से भाजपा ने अपने ही समर्थकों को हिंसक बनाया, मॉब लिंचिंग को मानसिक रूप से सही ठहराने के साजिश की।
आपराधिक रूप से ऐसे लोगों को मंत्री पद दिया और बनाए भी रखा जिन्होंने किसानों की हत्या की, जो महिलाओं पर अत्याचार-शोषण के दोषी है- अखिलेश यादव
सांस्थानिक रूप से न्यायालय तक में अपने लोग पिछले दरवाजे से सेट किये- अखिलेश यादव
न्यायधीशों से खुलकर एक विचारधारा विशेष के लिए बयान दिलवाए, न्यायधीशों को राजनीतिक पदों का लालच देकर कानून को तक को अपनी भ्रष्ट सोच से मैला कर दिया- अखिलेश यादव
यही काम यूनिवर्सिटी, कॉलेज, स्कूलों में किया, नौकरशाही में लेटरल एंट्री के बहाने यही धांधली की- अखिलेश यादव
योजना आयोग खत्म किया, ED, CBI, IT को सरकार बनाने, बचाने और चलाने के लिए इस्तेमाल किया - अखिलेश यादव
आँकड़िक रूप से झूठे आँकड़ों से देश और दुनिया को छला- अखिलेश यादव
जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को विकासशील देशों की श्रेणी से बाहर करने की बात से देश को शर्मिंदगी झेलनी पड़ी, विदेशों में बैठे भारतीयों को अपमान झेलना पड़ा - अखिलेश यादव
दुनिया में डंका बजाने की बात करनेवालों का ही ढोल फट गया। विकास व रोज़गार के झूठ आँकड़े देकर ठगा - अखिलेश यादव
सांविधानिक रूप से संविधान को पहले कमज़ोर करने फिर बदलकर धीरे-धीरे ख़त्म करने की साज़िश ही नहीं की, अपने लोगों से सरेआम कहलवाया भी - अखिलेश यादव
लोकतांत्रिक रूप से जनतंत्र को मनतंत्र में बदलने का दुस्साहस किया- अखिलेश यादव
व्यक्ति को व्यवस्था से बड़ा बनाने और बताने का दुष्प्रचार कर लोकतंत्र की भावना का अपमान किया- अखिलेश यादव
चुनाव के नतीजों को कुछ भ्रष्ट मीडियाकर्मियों और अधिकारियों की मिलीभगत से बदला भी और आगे भी इस चुनावी घपले को जारी रखने का षड्यंत रचा - अखिलेश यादव