पूर्व संघ प्रचारक अजय मिश्रा 15 दिन बाद भी लापता, हत्या की आशंकाएं जताई जा रही है, पुलिस पता लगाने में नाकाम।
पूर्व संघ प्रचारक अजय मिश्रा 15 दिन बाद भी लापता, हत्या की आशंकाएं जताई जा रही है, पुलिस पता लगाने में नाकाम।
घर में सोसाइड नोट मिला, बकाया भुगतान देने का आया था फोन उसके बाद से है लापता,
अखिल भारतीय पत्रकार एसोसिएशन का प्रतिनिधि मंडल राष्ट्रीय अध्यक्ष की अगुवाई में ज्वाइन्ट पुलिस कमिश्नर से मिला
लखनऊ।
पूर्व संघ प्रचारक, तथा आजीवन अविवाहित रहने के संकल्पी,पत्रकार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अजय मिश्रा का 11 जून को लिखा सोसाइड नोट 11जुलाई को मिलने के बाद पत्रकार एसोसिएशन सक्रिय हो गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेन्द्र मिश्र ने 11 जुलाई को ही पत्रकार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ प्रभारी निरीक्षक बाजार खाला को अजय मिश्रा की गुमशुदगी अथवा हत्या का मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्यवाही का निवेदन किया गया था परन्तु निरीक्षक बाजार खाला के आश्वासन के 15 दिन बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर आज अखिल भारतीय पत्रकार एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेन्द्र मिश्र ने पदाधिकारियों के साथ संयुक्त पुलिस आयुक्त अमित वर्मा से मिल तथा प्राथमिकी दर्ज कराकर अजय मिश्रा को जिंदा अथवा मुर्दा पता लगाने की मांग की है। ज्ञात हो अजय मिश्रा ने प्रिंटिंग का काम शुरू करने के लिए बैंक से लोन लिया था जिसकी प्रतिमाह ईएमआई का बहुत प्रेशर था।
इस बीच सीतापुर खैराबाद निवासी केसरिया हिन्दू वाहिनी के अध्यक्ष अतुल मिश्रा का 22 दिसम्बर को इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान लखनऊ में राष्ट्रीय सम्मेलन था, उस सम्मेलन के प्रचार-प्रसार हेतु अतुल मिश्रा ने रू 72,000/- से अधिक की प्रचार सामग्री छपवाई, तथा अपनी सारी प्रचार सामग्री अजय मिश्रा की अनुपस्थिति में उनके स्टाफ को गुमराह कर उठा ले गए तथा दिसम्बर 2023 से ही अतुल मिश्रा रू 72,000/- के पेशेन्ट के दौड़ा रहे थे। 11 जून को अजय मिश्रा अपने जन्मदिन पर सोसाइड नोट लिखकर अतुल मिश्रा के बुलावे पर लखनऊ से अतुल मिश्रा के वहां अपना पेमेन्ट लेने के लिए निकले थे। अजय मिश्रा आखिरी बार अतुल मिश्रा से मिले उसके बाद से आज तक उनका पता नहीं चला।
अजय मिश्रा ने अपने सोसाइड नोट में लिखा है कि मैं अतुल मिश्रा के पेमेन्ट न मिलने के कारण कर्ज के दबाव में सोसाइड कर रहा हूं जिसके जिम्मेदार अतुल मिश्रा हैं। सम्भव है, अजय मिश्रा ने सोसाइड किया अथवा अतुल मिश्रा ने उनकी हत्या करवा दी है। इतने गंभीर मामले में थाना खाला बाजार पुलिस की लापरवाही इस कदर है की पिछले 14 दिनों से केवल टरकाया जा रहा है और एफआईआर दर्ज नहीं करना राजधानी पुलिस की कार्य-प्रणाली पर बड़ा प्रश्न चिन्ह लगाती है।