सत्संग बदला शमशान में अब तक 121 लोगों की मौत हजारों घायल
हथरस/आगरा। इस आखिर कौन है इन भयंकर मौत का जिम्मेदार आखिर कौन है इन घायलों का जिम्मेदार और कौन है यह भोले बाबा यह भोले बाबा जिनका पूरा नाम है सूरजपाल नारायण यह जिला एटा के रहने वाले हैं और आगरा पूरे मंडल में इनका कई वर्षों से दलित समाज को लेकर सत्संग शुरू से करवाते रहते हैं चेहरे से बिल्कुल अंग्रेज चिकनी चुपड़े सफेद कोट पेंट टाई और महंगी कारों में घूमने महंगे आभूषणों का पहनना यह किसी भगवान या सत्संग बाबा की वेशभूषा नहीं हो सकती परंतु भोले बाबा अपने भक्तों को रिझाने के लिए वह ऐसे ही रहते हैं हाथरस के पास भोले बाबा सत्संग मंडल में हुई भगदड़ मैं हजारों घायल हो गए और डेढ़ सौ से ज्यादा मौतें हो गई विशेष रिपोर्ट में बताया गया कि पुलिस और सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं था केवल भोले बाबा सत्संग के जो सहयोगी थे वही इंतजाम में लगे हुए थे लेकिन अचानक हुई भगदड़ से हजारों लोग कुचलना लगे और ठीक हैं पुकार आने लगी लोग भागते हुए एक दूसरे को कुचल रहे थे जिससे कई लोगों के दम घुट गया और बूढ़े बच्चे मरने लगे कई घंटे बाद देखा गया तो लाशों का ढेर था और हजारों घायल थे फिर उन्हें हाथरस के ही अस्पताल में ले जाया गया। एटा फिरोजाबाद आगरा के अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
इस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख व्यक्त किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए और अस्पतालों में जाकर घायलों की देखभाल के इंतजाम देखने स्वयं पहुंचे और मरीजों के हाल-चाल पूछा उनके परिवार वालों से मिले।
मुख्यमंत्री के पहुंचने के बाद से प्रशासन सख्त हो गया है और भोले बाबा जो वर्षों से सत्संग करते आ रहे हैं वह अपने श्रद्धालुओं को और अपने भक्तों को छोड़कर भाग गए हैं मैनपुरी जिले के बिछवा गांव में राम कुटीर चैरिटेबल ट्रस्ट में उन्होंने पनाह ली है पुलिस का शिकंजा कसने लगा है पुलिस टीम उन्हें ढूंढने में लगी है पर वह अभी पकड़ से बाहर है पर जल्द ही वह पकड़े जाएंगे और उनसे पूछताछ की जाएगी लेकिन सवाल यह खड़ा होता है कि इन बेकसूर भक्तों का क्या कसूर था जिसमें दलित समाज की ज्यादातर महिलाएं , बच्चे, वृद्ध जो सत्संग में हमेशा जाते रहते हैं और अचानक उनकी मृत्यु हो जाती है तो क्या भोले बाबा सत्संग मंडल या ट्रस्ट व उनकी मदद करने की वजह भाग खड़ा हुआ है उस पर अभी यह सवाल जारी है।