मां तुतला भवानी जलप्रपात एक प्राकृतिक सौंदर्य का आदित्य दृश्य ।
रोहतास - बिहार
बिहार के रोहतास जिले में स्थित माँ तुतला भवानी जलप्रपात, तिलौथू प्रखंड के अंतर्गत आता है और कैमूर पहाड़ी की गोद में स्थित है। इस क्षेत्र में प्राकृतिक सौंदर्य का अद्वितीय दृश्य देखने को मिला। जिला मुख्यालय सासाराम से लगभग 30 किलोमीटर और तिलौथू से मात्र 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस स्थान पर प्रकृति ने अपनी समस्त सुंदरता का भंडार लुटाया है। माँ तुतला भवानी का मंदिर धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस स्थान पर भक्तजन न केवल बिहार से बल्कि देश के विभिन्न कोनों से माता के दर्शन करने आते हैं। मान्यता है कि यहाँ माँ तुतला भवानी अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं। इस पावन स्थल पर श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति का अद्वितीय संगम देखने को मिलता है। सदियों से परंपरा के अनुसार भक्तों का मनोकामनाएं पूरी होने पर बकरा के बाली दिया जाता है। कुछ लोग साड़ी और नारियल प्रसाद भी चढ़ाते हैं।
माँ तुतला भवानी का जलप्रपात अपने अद्वितीय प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ का हर्बल पार्क, झूला पुल, झरना, जल कुंड, और ई-रिक्शा, जंगल सफारी पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। यहाँ का प्राकृतिक वातावरण मन को शांति और ताजगी प्रदान करता है। झरने की कल-कल ध्वनि, हरे-भरे वृक्षों की छाया, और पक्षियों का चहचहाना इस स्थान को एक आदर्श पर्यटक स्थल बनाते हैं। स्थानीय प्रशासन और माँ तुतला भवानी कमेटी ने पर्यटकों की सुविधा के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
यहाँ पर प्राथमिक उपचार, पीने के पानी की व्यवस्था, रहने के लिए कमरे, खाना बनाने के लिए शेड, वाहन पार्किंग, और कैमरा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
इसके अतिरिक्त, पर्यटकों की सुरक्षा के लिए जगह-जगह पर सुरक्षा व्यवस्था की गई है। जंगल सफारी और इ-रिक्शा की सुविधा पर्यटकों के लिए एक अनूठा अनुभव प्रदान करती है। जंगल सफारी के माध्यम से पर्यटक कैमूर पहाड़ी की वनस्पतियों और जीव-जंतुओं का निकट से अवलोकन कर सकते हैं। इ-रिक्शा की सुविधा पर्यटकों को आसानी से विभिन्न स्थलों तक पहुंचने में सहायता करती है। माँ तुतला भवानी के परिसर में बंदरों की हरकतें भी पर्यटकों के लिए एक आकर्षण का केंद्र होती हैं। ये बंदर अपने चंचल और मनोरंजक स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। पर्यटक इनके साथ खेलते हुए और इनकी हरकतों का आनंद लेते हुए देखे जा सकते हैं।
स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों की सुरक्षा के लिए कठोर कदम उठाए हैं। जलप्रपात के आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के लिए गार्ड तैनात किए गए हैं। इसके अलावा, प्राथमिक उपचार केंद्र भी स्थापित किए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की आकस्मिक घटना के समय तत्काल सहायता उपलब्ध हो सके। माँ तुतला भवानी का यह पवित्र स्थल सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है।
जिला मुख्यालय से तिलौथू और वहाँ से मात्र 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस स्थल तक पहुँचने के लिए स्थानीय परिवहन के साधन उपलब्ध हैं। पर्यटक अपने निजी वाहनों का उपयोग करके भी यहाँ आसानी से पहुँच सकते हैं। माँ तुतला भवानी के मंदिर में वर्ष भर विभिन्न धार्मिक आयोजनों और मेलों का आयोजन किया जाता है। विशेषकर नवरात्रि के समय यहाँ भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। इस दौरान मंदिर को भव्य रूप से सजाया जाता है और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं। श्रद्धालु इस पावन अवसर पर माता के दर्शन कर अपने जीवन को धन्य मानते हैं। स्थानीय प्रशासन और माँ तुतला भवानी कमेटी ने इस क्षेत्र को और अधिक विकसित करने के लिए कई योजनाएं बनाई हैं।
यहाँ पर्यटकों के लिए और भी अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास जारी हैं। माँ तुतला भवानी जलप्रपात न केवल एक धार्मिक स्थल है बल्कि एक प्रमुख पर्यटक स्थल भी है। यहाँ का प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक महत्व, और पर्यटकों के लिए उपलब्ध सुविधाएं इसे एक अद्वितीय स्थल बनाते हैं। अगर आप प्रकृति प्रेमी हैं और धार्मिक आस्था रखते हैं तो माँ तुतला भवानी का यह स्थल आपके लिए एक आदर्श गंतव्य हो सकता है।